(N/A) दिया गया है: इलेक्ट्रॉन की गति $v = 5.20 \times 10^{6} \;m s^{-1}$,चुंबकीय क्षेत्र $B = 1.30 \times 10^{-4} \;T$,विशिष्ट आवेश $e/m = 1.76 \times 10^{11} \;C \;kg^{-1}$।
चुंबकीय बल वृत्तीय गति के लिए आवश्यक अभिकेंद्र बल प्रदान करता है: $evB = \frac{mv^2}{r}$।
त्रिज्या $r$ के लिए सूत्र: $r = \frac{mv}{eB} = \frac{v}{(e/m)B}$।
मान रखने पर: $r = \frac{5.20 \times 10^{6}}{(1.76 \times 10^{11}) \times (1.30 \times 10^{-4})} = \frac{5.20 \times 10^{6}}{2.288 \times 10^{7}} \approx 0.227 \;m = 22.7 \;cm$।
$(b)$ नहीं,यह सूत्र $20 \;MeV$ इलेक्ट्रॉन बीम के लिए मान्य नहीं है। $20 \;MeV$ पर,गतिज ऊर्जा इलेक्ट्रॉन की स्थिर द्रव्यमान ऊर्जा $(0.511 \;MeV)$ से बहुत अधिक होती है,जिसका अर्थ है कि इलेक्ट्रॉन की गति $v$ प्रकाश की गति $c$ के करीब पहुंच जाती है।
इस सापेक्षतावादी क्षेत्र में,द्रव्यमान $m$ स्थिर नहीं रहता है बल्कि $m = \frac{m_0}{\sqrt{1 - v^2/c^2}}$ द्वारा दिया जाता है,जहाँ $m_0$ स्थिर द्रव्यमान है।
त्रिज्या के लिए संशोधित सूत्र $r = \frac{mv}{eB} = \frac{m_0 v}{eB \sqrt{1 - v^2/c^2}}$ है।