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Secondary growth Questions in Hindi

Class 11 Biology · Anatomy of Flowering Plants · Secondary growth

396+

Questions

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100%

With Solutions

Showing 49 of 396 questions in Hindi

201
MediumMCQ
संवहनी एधा (vascular cambium) में कितने प्रकार की कोशिकाएं मौजूद होती हैं?
A
दो प्रकार,किरण आरंभिक (ray initials) और तर्कुरूपी आरंभिक (fusiform initials)
B
केवल तर्कुरूपी आरंभिक
C
केवल किरण आरंभिक
D
तीन प्रकार,तर्कुरूपी,किरण और मज्जा किरण आरंभिक

Solution

(A) द्विबीजपत्री तनों में संवहनी एधा दो प्रकार की विभज्योतकी कोशिकाओं से बनी होती है:
$1$. तर्कुरूपी आरंभिक (Fusiform initials): ये लंबी कोशिकाएं होती हैं जो अक्षीय प्रणाली (जाइलम और फ्लोएम ट्रैकीड्स,वाहिकाएं,तंतु और मृदूतक) को जन्म देती हैं।
$2$. किरण आरंभिक (Ray initials): ये छोटी,समव्यासी कोशिकाएं होती हैं जो अरीय प्रणाली (संवहनी किरणें) को जन्म देती हैं।
202
MediumMCQ
तटीय वृक्षों में वार्षिक वलय (annual rings) नहीं दिखाई देते हैं क्योंकि:
A
वहाँ जलवायु में बहुत कम भिन्नता होती है।
B
वे एकबीजपत्री पौधों से संबंधित होते हैं।
C
वहाँ पर्याप्त नमी होती है।
D
मिट्टी रेतीली होती है।

Solution

(A) वार्षिक वलय संवहनी एधा (vascular cambium) की विभेदित गतिविधि के कारण बनते हैं,जो मौसमी जलवायु परिवर्तनों से प्रभावित होती है। समशीतोष्ण क्षेत्रों में,एधा वसंत ऋतु में अधिक सक्रिय होती है (प्रारंभिक काष्ठ बनाती है) और शरद ऋतु/सर्दियों में कम सक्रिय होती है (पश्च काष्ठ बनाती है),जिसके परिणामस्वरूप स्पष्ट वार्षिक वलय बनते हैं। तटीय या उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में पूरे वर्ष अपेक्षाकृत एकसमान जलवायु होती है,जिसका अर्थ है कि एधा लगातार सक्रिय रहती है। परिणामस्वरूप,इन वृक्षों में कोई स्पष्ट वार्षिक वलय नहीं बनते हैं।
203
MediumMCQ
संवहनी एधा (vascular cambium) सामान्यतः किसका निर्माण करती है?
A
प्राथमिक फ्लोएम
B
द्वितीयक जाइलम
C
परिचर्म (periderm)
D
फेलोडर्म

Solution

(B) संवहनी एधा एक पार्श्व विभज्योतक (lateral meristem) है जो परिनतिक (periclinal) विभाजन करती है।
ये विभाजन एधा वलय की आंतरिक और बाहरी दोनों तरफ होते हैं।
अंदर की ओर बनने वाली कोशिकाएं द्वितीयक जाइलम में विभेदित हो जाती हैं,जबकि बाहर की ओर बनने वाली कोशिकाएं द्वितीयक फ्लोएम में विभेदित हो जाती हैं।
अतः,संवहनी एधा द्वितीयक जाइलम और द्वितीयक फ्लोएम को जन्म देती है।
204
MediumMCQ
हार्टवुड (Heartwood) के संदर्भ में गलत कथन की पहचान कीजिए।
A
यह अत्यधिक टिकाऊ होता है।
B
यह जल और खनिजों का कुशलतापूर्वक संचालन करता है।
C
यह अत्यधिक लिग्निनयुक्त दीवारों वाले मृत तत्वों से बना होता है।
D
इसमें कार्बनिक यौगिक जमा होते हैं।

Solution

(B) : हार्टवुड द्वितीयक जाइलम (secondary xylem) का गैर-कार्यात्मक भाग है। यह अत्यधिक लिग्निनयुक्त दीवारों वाले मृत तत्वों से बना होता है और इसमें टैनिन,रेजिन,तेल और गोंद जैसे कार्बनिक यौगिक जमा हो जाते हैं,जो इसे अत्यधिक टिकाऊ और सूक्ष्मजीवों के हमले के प्रति प्रतिरोधी बनाते हैं। चूंकि इसकी वाहिकाएं इन जमाव के कारण अवरुद्ध हो जाती हैं,इसलिए यह जल और खनिजों का संचालन नहीं करता है।
205
MediumMCQ
$Tyloses$ (टायलोसिस) नामक गुब्बारे जैसी संरचनाएं:
A
$vessels$ (वाहिकाओं) के लुमेन में उत्पन्न होती हैं।
B
$sapwood$ (रसकाष्ठ) की विशेषता बताती हैं।
C
$xylem$ $parenchyma$ (जाइलम मृदूतक) कोशिकाओं का वाहिकाओं में विस्तार हैं।
D
$xylem$ वाहिकाओं के माध्यम से रस के आरोहण (ascent of sap) से जुड़ी होती हैं।

Solution

(C) : $Tyloses$ $parenchyma$ (मृदूतक) कोशिकाओं का गुब्बारे जैसा विस्तार है जो कोशिका भित्ति में एक गर्त $(pit)$ के माध्यम से पड़ोसी $xylem$ वाहिका या $tracheid$ (वाहिनिका) के लुमेन में प्रवेश करता है।
$Tyloses$ आमतौर पर पुरानी काष्ठीय ऊतकों में बनते हैं,संभवतः चोट के जवाब में; वे अंततः वाहिकाओं को अवरुद्ध कर सकते हैं और इस प्रकार पौधे के भीतर कवक और अन्य रोगजनकों के प्रसार को रोकने में मदद करते हैं।
$Tyloses$ टैनिन,गोंद,रंजकों आदि से भर सकते हैं,जो $heartwood$ (अंतःकाष्ठ) को उसका गहरा रंग देते हैं,और उनकी दीवारें पतली रह सकती हैं या लिग्निनयुक्त $(lignified)$ हो सकती हैं।
206
MediumMCQ
नीचे दी गई सूची में $(i)$ से $(iv)$ तक के विभिन्न घटकों को पढ़ें और एक काष्ठीय द्विबीजपत्री तने में बाहर से अंदर की ओर उनकी व्यवस्था के संदर्भ में घटकों का सही क्रम बताएं।
$(i)$ द्वितीयक वल्कुट $(ii)$ काष्ठ (वुड) $(iii)$ द्वितीयक फ्लोएम $(iv)$ फेलम (कॉर्क)
सही क्रम है:
A
$(iv), (i), (iii), (ii)$
B
$(iv), (iii), (i), (ii)$
C
$(iii), (iv), (ii), (i)$
D
$(i), (ii), (iv), (iii)$

Solution

(A) एक काष्ठीय द्विबीजपत्री तने में,परिधि (बाहरी तरफ) से केंद्र (आंतरिक तरफ) की ओर ऊतकों की व्यवस्था इस प्रकार है:
$1$. फेलम (कॉर्क): यह परित्वक (periderm) की सबसे बाहरी परत है।
$2$. द्वितीयक वल्कुट (phelloderm): यह फेलम और फेलोजन के ठीक अंदर स्थित होता है।
$3$. द्वितीयक फ्लोएम: यह संवहनी एधा (vascular cambium) के बाहर स्थित होता है।
$4$. काष्ठ (द्वितीयक जाइलम): यह संवहनी एधा के अंदर स्थित होता है।
अतः,बाहर से अंदर की ओर सही क्रम है: $(iv)$ फेलम $\rightarrow$ $(i)$ द्वितीयक वल्कुट $\rightarrow$ $(iii)$ द्वितीयक फ्लोएम $\rightarrow$ $(ii)$ काष्ठ (द्वितीयक जाइलम)।
इस प्रकार,सही विकल्प $(A)$ है।
207
MediumMCQ
वातरंध्र (Lenticels) किसमें शामिल होते हैं?
A
भोजन परिवहन
B
प्रकाश संश्लेषण
C
वाष्पोत्सर्जन
D
गैसीय विनिमय

Solution

(D) : वातरंध्र (Lenticels) द्वितीयक वृद्धि के कारण छाल में बनने वाले लेंस के आकार के छिद्र होते हैं।
ये काष्ठीय वृक्षों में गैसीय विनिमय की अनुमति देते हैं।
ये वाष्पोत्सर्जन में भी योगदान करते हैं,लेकिन बहुत कम मात्रा में क्योंकि छिद्र के नीचे मौजूद सुबेरिनयुक्त पूरक कोशिकाएं अत्यधिक जल हानि को रोकती हैं।
208
EasyMCQ
एक वृक्ष की आयु का अनुमान किसके द्वारा लगाया जा सकता है?
A
वार्षिक वलयों की संख्या
B
इसके हार्टवुड का व्यास
C
इसकी ऊँचाई और घेरा
D
जैवभार (biomass)

Solution

(A) : एक वर्ष में द्वितीयक जाइलम के दो बैंड,अर्थात् ऑटम वुड (शरद काष्ठ) और स्प्रिंग वुड (वसंत काष्ठ) निर्मित होते हैं।
ये दो बैंड मिलकर एक वार्षिक वलय बनाते हैं।
वृक्ष की आयु इन वार्षिक वलयों को गिनकर निर्धारित की जा सकती है।
इस विधि को $Dendrochronology$ कहा जाता है।
209
MediumMCQ
अंतःपुलिय एधा (Interfascicular cambium) किन कोशिकाओं से विकसित होती है?
A
अंतस्त्वचा (endodermis)
B
परिरंभ (pericycle)
C
मज्जा किरणें (medullary rays)
D
जाइलम मृदूतक (xylem parenchyma)

Solution

(C) : द्विबीजपत्री तनों में,प्राथमिक जाइलम और प्राथमिक फ्लोएम के बीच मौजूद एधा की कोशिकाओं को अंतःपुलिय एधा (intrafascicular cambium) कहा जाता है।
इन अंतःपुलिय एधा से जुड़ी मज्जा किरणों (medullary rays) की कोशिकाएं विभज्योतकी (meristematic) हो जाती हैं और अंतःपुलिय एधा (interfascicular cambium) का निर्माण करती हैं।
इस प्रकार,एधा का एक निरंतर वलय बन जाता है।
210
EasyMCQ
सामान्य बोतल कॉर्क किसका उत्पाद है?
A
त्वचाजन (dermatogen)
B
कॉर्क एधा (phellogen)
C
दारु (xylem)
D
संवहन एधा (vascular cambium)

Solution

(B) : कॉर्क एधा या फेल्लोजन (phellogen) एक प्रकार की एधा है जो काष्ठीय पौधों के तनों की बाहरी परत के भीतर उत्पन्न होती है,जो आमतौर पर आंतरिक ऊतकों को घेरने वाले एक पूर्ण वलय के रूप में होती है।
कॉर्क एधा की कोशिकाएं विभाजित होकर बाहरी कॉर्क ऊतक (कॉर्क या $phellem$) और आंतरिक द्वितीयक वल्कुट $(phelloderm)$ का निर्माण करती हैं।
$Quercus$ $suber$ से प्राप्त सामान्य बोतल कॉर्क फेल्लोजन का उत्पाद है।
211
EasyMCQ
कॉर्क कैम्बियम, कॉर्क और द्वितीयक वल्कुट (secondary cortex) को सामूहिक रूप से क्या कहा जाता है?
A
फेलोडर्म
B
फेलोजन
C
पेरिडर्म
D
फेलेम

Solution

(C) कॉर्क कैम्बियम $(\text{फेलोजन})$, कॉर्क $(\text{फेलेम})$ और द्वितीयक वल्कुट $(\text{फेलोडर्म})$ को सामूहिक रूप से $\text{पेरिडर्म}$ कहा जाता है।
$1$. $\text{फेलोजन}$ (कॉर्क कैम्बियम) एक विभज्योतकी परत है जो वल्कुट में विकसित होती है।
$2$. $\text{फेलेम}$ (कॉर्क) $\text{फेलोजन}$ के बाहरी तरफ उत्पन्न होता है।
$3$. $\text{फेलोडर्म}$ (द्वितीयक वल्कुट) $\text{फेलोजन}$ के आंतरिक तरफ उत्पन्न होता है।
ये तीनों परतें मिलकर $\text{पेरिडर्म}$ बनाती हैं, जो सुरक्षात्मक कार्य करती हैं क्योंकि द्वितीयक वृद्धि के दौरान बाह्यत्वचा (epidermis) फट जाती है।
212
MediumMCQ
हार्टवुड (Heartwood) सैपवुड (Sapwood) से किस प्रकार भिन्न है?
A
किरणों और तंतुओं की उपस्थिति
B
वाहिकाओं और मृदूतक ऊतक का अभाव
C
मृत और अचालक तत्वों का होना
D
कीटों और रोगजनकों के प्रति संवेदनशील होना

Solution

(C) : पुराने पेड़ों में,द्वितीयक जाइलम का अधिकांश भाग टैनिन,रेजिन,तेल,गोंद,सुगंधित पदार्थों और आवश्यक तेलों जैसे कार्बनिक यौगिकों के जमाव के कारण गहरे भूरे रंग का होता है,जो तने की केंद्रीय या सबसे भीतरी परतों में जमा होते हैं।
ये पदार्थ इसे कठोर,टिकाऊ और सूक्ष्मजीवों तथा कीटों के हमलों के प्रति प्रतिरोधी बनाते हैं।
इस क्षेत्र में अत्यधिक लिग्निनयुक्त कोशिका भित्ति वाले मृत तत्व होते हैं और इसे हार्टवुड कहा जाता है।
हार्टवुड पानी का संचालन नहीं करता है,लेकिन यह तने को यांत्रिक सहारा देता है।
द्वितीयक जाइलम का परिधीय क्षेत्र हल्के रंग का होता है और इसे सैपवुड के रूप में जाना जाता है।
यह जड़ से पत्ती तक पानी और खनिजों के संचालन में शामिल होता है।
213
MediumMCQ
पादपों में द्वितीयक वृद्धि के गहन अध्ययन के लिए,निम्नलिखित में से कौन सा युग्म उपयुक्त है?
A
सागौन और चीड़ (पाइन)
B
देवदार और फर्न
C
गेहूँ और मेडन हेयर फर्न
D
गन्ना और सूरजमुखी

Solution

(A) द्वितीयक वृद्धि द्विबीजपत्री पादपों और अनावृतबीजी (gymnosperms) में देखी जाती है। यह टेरिडोफाइट्स में नहीं देखी जाती है और एकबीजपत्री पादपों में बहुत कम देखी जाती है।
द्वितीयक वृद्धि के परिणामस्वरूप पार्श्व विभज्योतक (lateral meristem) की सक्रियता से द्वितीयक ऊतकों का निर्माण होता है,जिससे तने की मोटाई या व्यास में वृद्धि होती है।
सागौन एक द्विबीजपत्री आवृतबीजी है और चीड़ (पाइन) एक अनावृतबीजी है; दोनों में महत्वपूर्ण द्वितीयक वृद्धि प्रदर्शित होती है।
इसलिए,द्वितीयक वृद्धि के अध्ययन के लिए सागौन और चीड़ का युग्म सबसे उपयुक्त है।
214
MediumMCQ
इंटरफैसिकुलर कैम्बियम के निर्माण के दौरान,कौन सी कोशिकाएं विभाजित होने की क्षमता खो देती हैं लेकिन विशिष्ट कार्य करने के लिए परिपक्व हो जाती हैं?
A
मृदूतक (Parenchyma)
B
दृढ़ोतक (Sclerenchyma)
C
स्थूलकोणोतक (Collenchyma)
D
फ्लोएम (Phloem)

Solution

(A) इंटरफैसिकुलर कैम्बियम का निर्माण संवहनी बंडलों के बीच स्थित स्थायी मृदूतक कोशिकाओं के विविधीकरण (dedifferentiation) द्वारा होता है।
ये कोशिकाएं कैम्बियम वलय बनाने के लिए विभाजित होने की क्षमता को पुनः प्राप्त करती हैं।
हालाँकि,पादप विकास के संदर्भ में,जो कोशिकाएं विभाजित होने की क्षमता खो देती हैं और विशिष्ट कार्य करने के लिए परिपक्व हो जाती हैं,उन्हें आमतौर पर मृदूतक,स्थूलकोणोतक या दृढ़ोतक के रूप में वर्गीकृत किया जाता है।
विशेष रूप से,संवहनी कैम्बियम के निर्माण के दौरान,मज्जा किरण कोशिकाओं (जो मृदूतक कोशिकाएं होती हैं) में विविधीकरण होता है और वे विभाज्योतक (meristematic) बन जाती हैं।
यदि प्रश्न उन कोशिकाओं को संदर्भित करता है जो स्थायी ऊतक में विभेदित होती हैं,तो मृदूतक कोशिकाएं ही वे होती हैं जो भंडारण या प्रकाश संश्लेषण जैसे कार्यों को करने के लिए परिपक्व होती हैं।
215
MediumMCQ
हार्टवुड (Heartwood) के लिए क्या सही है?
A
पानी का वहन करता है
B
यांत्रिक मजबूती प्रदान करता है
C
जीवित घटक होते हैं
D
इनमें से कोई नहीं

Solution

(B) हार्टवुड,जिसे ड्यूरामेन (duramen) भी कहा जाता है,पुराने पेड़ों में द्वितीयक जाइलम का केंद्रीय,गैर-कार्यात्मक भाग है।
यह अत्यधिक लिग्निनयुक्त दीवारों वाले मृत तत्वों से बना होता है,जो इसे कठोर और टिकाऊ बनाता है।
यह पानी या खनिजों का संचालन नहीं करता है क्योंकि इसकी वाहिकाएं टायलोसिस (tyloses) द्वारा अवरुद्ध होती हैं।
इसका प्राथमिक कार्य तने को यांत्रिक सहायता प्रदान करना है।
इसलिए,'यांत्रिक मजबूती प्रदान करता है' कथन सही है।
216
DifficultMCQ
गलत वाक्य चुनिए:
A
फेल्लोन,फेलेम और फेलोडर्म सामूहिक रूप से पेरीडर्म कहलाते हैं।
B
जिम्नोस्पर्म के तनों और जड़ों में द्वितीयक वृद्धि होती है,हालाँकि एकबीजपत्री पौधों में द्वितीयक वृद्धि नहीं होती है।
C
फेल्लोन संकीर्ण,पतली भित्ति वाली और लगभग आयताकार कोशिकाओं से बना होता है।
D
कटे हुए तने में दिखाई देने वाले वार्षिक वलय जल अवशोषण की क्षमता को दर्शाते हैं।

Solution

(D) सही उत्तर $D$ है।
$1$. फेल्लोन (कॉर्क कैम्बियम),फेलेम (कॉर्क) और फेलोडर्म (द्वितीयक वल्कुट) सामूहिक रूप से पेरीडर्म कहलाते हैं। यह कथन सही है।
$2$. द्वितीयक वृद्धि द्विबीजपत्री और जिम्नोस्पर्म की एक विशेषता है। यह आमतौर पर एकबीजपत्री पौधों में अनुपस्थित होती है। यह कथन सही है।
$3$. फेल्लोन संकीर्ण,पतली भित्ति वाली और लगभग आयताकार कोशिकाओं से बना होता है। यह कथन सही है।
$4$. कटे हुए तने में दिखाई देने वाले वार्षिक वलय (वृद्धि वलय) पेड़ की आयु और वृद्धि में मौसमी बदलावों को दर्शाते हैं,न कि जल अवशोषण की क्षमता को। इसलिए,यह कथन गलत है।
217
MediumMCQ
एकबीजपत्री (monocotyledons) पौधों में द्वितीयक फ्लोएम और जाइलम का निर्माण नहीं होता है,क्यों?
A
उनके संवहनी बंडलों में एधा (cambium) नहीं होती है।
B
संवहनी बंडलों में एधा होती है।
C
उनमें जाइलम और फ्लोएम अनुपस्थित होते हैं।
D
एकबीजपत्री पौधों में वल्कुट (cortex) अनुपस्थित होता है।

Solution

(A) पौधों में द्वितीयक वृद्धि (द्वितीयक जाइलम और द्वितीयक फ्लोएम का निर्माण) संवहनी एधा (vascular cambium) की सक्रियता द्वारा होती है।
एकबीजपत्री पौधों में,संवहनी बंडल 'बंद' (closed) होते हैं,जिसका अर्थ है कि उनमें जाइलम और फ्लोएम के बीच एधा परत का अभाव होता है।
एधा की अनुपस्थिति के कारण,ये पौधे द्वितीयक ऊतकों का निर्माण नहीं कर सकते हैं।
इसलिए,सही कारण यह है कि उनके संवहनी बंडलों में एधा नहीं होती है।
218
MediumMCQ
द्वितीयक वृद्धि के दौरान पार्श्व जड़ों (lateral roots) और संवहनी एधा (vascular cambium) की शुरुआत इन कोशिकाओं में होती है।
A
परिरंभ (Pericycle)
B
बाह्यत्वचा (Epidermis)
C
वल्कुट (Cortex)
D
अंतस्त्वचा (Endodermis)

Solution

(A) द्विबीजपत्री जड़ों में,$Pericycle$ (परिरंभ) की कोशिकाएं मृदूतकीय होती हैं और उनमें विभाजित होने की क्षमता होती है।
पार्श्व जड़ों के निर्माण के दौरान,$Pericycle$ की कोशिकाएं विभाजित होकर जड़ के आदिमो (root primordia) का निर्माण करती हैं।
इसके अतिरिक्त,द्वितीयक वृद्धि के दौरान,आदिदारु (protoxylem) के सामने स्थित $Pericycle$ की कोशिकाएं विभाजित होकर संवहनी एधा (vascular cambium) के वलय के निर्माण में योगदान देती हैं।
219
MediumMCQ
एधा (cambium) में,द्वितीयक जाइलम का उत्पादन द्वितीयक फ्लोएम से अधिक होता है क्योंकि..........
A
एधा सामान्यतः अंदर की ओर अधिक सक्रिय होती है।
B
एधा सामान्यतः बाहर की ओर अधिक सक्रिय होती है।
C
एधा सामान्यतः अंदर की ओर कम सक्रिय होती है।
D
एधा की सक्रियता बाहर और अंदर दोनों ओर समान होती है।

Solution

(A) द्विबीजपत्री तनों में द्वितीयक वृद्धि के दौरान,संवहनी एधा सक्रिय हो जाती है और विभाजित होना शुरू कर देती है।
यह अंदर की ओर और बाहर की ओर कोशिकाएं काटती है।
अंदर की ओर कटी कोशिकाएं द्वितीयक जाइलम में परिपक्व होती हैं,जबकि बाहर की ओर कटी कोशिकाएं द्वितीयक फ्लोएम में परिपक्व होती हैं।
एधा सामान्यतः बाहर की तुलना में अंदर की ओर बहुत अधिक सक्रिय होती है।
परिणामस्वरूप,उत्पादित द्वितीयक जाइलम की मात्रा द्वितीयक फ्लोएम की तुलना में काफी अधिक होती है,जिससे लकड़ी का निर्माण होता है।
220
MediumMCQ
संवहनी एधा (Vascular cambium) किसके निर्माण के लिए उत्तरदायी है?
A
मज्जा और वल्कुट
B
परिरंभ और अंतस्त्वचा
C
मज्जा और संवहनी बंडल
D
जाइलम और फ्लोएम

Solution

(D) संवहनी एधा एक पार्श्व विभज्योतक ऊतक है जो पौधों में द्वितीयक वृद्धि के लिए उत्तरदायी है।
द्वितीयक वृद्धि के दौरान,संवहनी एधा की कोशिकाएं परिधीय रूप से विभाजित होती हैं।
अंदर की ओर बनने वाली कोशिकाएं द्वितीयक जाइलम (काष्ठ) में विभेदित हो जाती हैं,जबकि बाहर की ओर बनने वाली कोशिकाएं द्वितीयक फ्लोएम में विभेदित हो जाती हैं।
अतः,संवहनी एधा द्वितीयक जाइलम और द्वितीयक फ्लोएम के निर्माण के लिए उत्तरदायी है।
221
MediumMCQ
.......... तने के बाहरी वातावरण और आंतरिक ऊतकों के बीच गैसों के आदान-प्रदान की अनुमति देते हैं।
A
मूल रोम
B
वातरंध्र (Lenticel)
C
अंतस्त्वचा
D
द्वितीयक वल्कुट

Solution

(B) वातरंध्र (Lenticels) काष्ठीय तनों की छाल पर पाए जाने वाले छोटे,लेंस के आकार के छिद्र होते हैं।
ये ढीले ढंग से व्यवस्थित मृदूतकीय कोशिकाओं से बने होते हैं जिन्हें पूरक कोशिकाएं कहा जाता है।
ये संरचनाएं तने के आंतरिक ऊतकों और बाहरी वातावरण के बीच गैसों के आदान-प्रदान की अनुमति देती हैं,जो श्वसन के लिए आवश्यक है।
222
MediumMCQ
दी गई आकृति में $X$ और $Y$ की पहचान करें।
Question diagram
A
प्राथमिक फ्लोएम - अंतरापूलीय एधा
B
मज्जा - संवहनी एधा
C
अंतरापूलीय एधा - प्राथमिक जाइलम
D
प्राथमिक जाइलम - अंतरापूलीय एधा

Solution

(D) यह आकृति द्विबीजपत्री तने में द्वितीयक वृद्धि की प्रक्रिया को दर्शाती है।
आरेख में,$X$ तने के केंद्रीय क्षेत्र की ओर इंगित करता है,जो मज्जा (pith) है।
$Y$ संवहनी बंडलों के बीच के क्षेत्र की ओर इंगित करता है,जो अंतरापूलीय एधा (interfascicular cambium) है।
द्वितीयक वृद्धि के दौरान,संवहनी बंडलों के बीच मौजूद मज्जा किरणों की कोशिकाएं विभाज्योतक (meristematic) हो जाती हैं और अंतरापूलीय एधा का निर्माण करती हैं।
अतः,$X$ मज्जा है और $Y$ अंतरापूलीय एधा है।
223
DifficultMCQ
द्विबीजपत्री तने में द्वितीयक वृद्धि के दिए गए आरेख में $X$ और $Y$ की पहचान करें।
Question diagram
A
$X$ - मज्जा किरण,$Y$ - एधा वलय
B
$X$ - द्वितीयक जाइलम,$Y$ - एधा वलय
C
$X$ - द्वितीयक फ्लोएम,$Y$ - द्वितीयक जाइलम
D
$X$ - एधा वलय,$Y$ - द्वितीयक जाइलम

Solution

(B) द्विबीजपत्री तने में द्वितीयक वृद्धि की प्रक्रिया के दौरान,संवहनी एधा सक्रिय हो जाती है और अंदर और बाहर दोनों तरफ नई कोशिकाओं का निर्माण शुरू कर देती है।
$1$. केंद्र की ओर (अंदर की तरफ) बनने वाली कोशिकाएं द्वितीयक जाइलम के रूप में परिपक्व होती हैं।
$2$. परिधि की ओर (बाहर की तरफ) बनने वाली कोशिकाएं द्वितीयक फ्लोएम के रूप में परिपक्व होती हैं।
$3$. दिए गए आरेख में,$X$ द्वितीयक जाइलम को इंगित करता है,जो केंद्र में लकड़ी का मुख्य भाग बनाता है।
$4$. $Y$ एधा वलय (संवहनी एधा) को इंगित करता है,जो द्वितीयक संवहनी ऊतकों के उत्पादन के लिए जिम्मेदार विभज्योतक परत है।
224
EasyMCQ
कॉर्क कैम्बियम,कॉर्क और द्वितीयक वल्कुट (secondary cortex) को सामूहिक रूप से क्या कहा जाता है?
A
फेलोडर्म
B
वातरंध्र (lenticel)
C
परिचर्म (periderm)
D
छाल (bark)

Solution

(C) कॉर्क कैम्बियम (फैलोजन),कॉर्क (फैलम) और द्वितीयक वल्कुट (फेलोडर्म) को सामूहिक रूप से परिचर्म (periderm) कहा जाता है।
ये ऊतक द्विबीजपत्री तने और जड़ में द्वितीयक वृद्धि के परिणामस्वरूप बनते हैं।
फैलोजन दोनों तरफ कोशिकाओं को काटता है; बाहरी कोशिकाएं कॉर्क (फैलम) में विभेदित होती हैं,जबकि आंतरिक कोशिकाएं द्वितीयक वल्कुट (फेलोडर्म) में विभेदित होती हैं।
225
MediumMCQ
वातरंध्र (Lenticels) किसमें शामिल होते हैं?
A
गैसीय विनिमय
B
भोजन परिवहन
C
प्रकाश संश्लेषण
D
वाष्पोत्सर्जन

Solution

(A) वातरंध्र (Lenticels) काष्ठीय तनों और जड़ों की छाल में पाए जाने वाले लेंस के आकार के छिद्र होते हैं।
ये ढीले ढंग से व्यवस्थित मृदूतकीय कोशिकाओं से बने होते हैं जिन्हें पूरक कोशिकाएं (complementary cells) कहा जाता है।
इनका प्राथमिक कार्य पौधे के आंतरिक ऊतकों और बाहरी वातावरण के बीच गैसों के विनिमय को सुविधाजनक बनाना है।
हालाँकि इनके माध्यम से थोड़ी मात्रा में जल वाष्प का नुकसान हो सकता है (जिसे कभी-कभी वातरंध्रीय वाष्पोत्सर्जन कहा जाता है),लेकिन इनकी मुख्य शारीरिक भूमिका गैसीय विनिमय है।
226
EasyMCQ
वृक्ष की आयु का अनुमान किसके द्वारा लगाया जा सकता है?
A
बायोमास
B
वार्षिक वलयों की संख्या
C
इसके हार्टवुड का व्यास
D
इसकी ऊंचाई और घेरा

Solution

(B) एक वृक्ष की आयु उसके तने में मौजूद द्वितीयक जाइलम (secondary xylem) के वार्षिक वलयों (annual rings) की संख्या को गिनकर निर्धारित की जा सकती है।
शीतोष्ण क्षेत्रों में,एधा (cambium) वसंत ऋतु के दौरान अधिक सक्रिय और शरद ऋतु के दौरान कम सक्रिय होती है,जिससे हल्के रंग की वसंत काष्ठ (spring wood) और गहरे रंग की शरद काष्ठ (autumn wood) का निर्माण होता है।
ये दोनों परतें मिलकर एक वार्षिक वलय बनाती हैं,जो एक वर्ष की वृद्धि को दर्शाती है।
इसलिए,इन वलयों की गिनती करने से वृक्ष की आयु का सटीक अनुमान मिलता है,जिसे डेंड्रोक्रोनोलॉजी (dendrochronology) कहा जाता है।
227
MediumMCQ
अंतरापूलीय एधा (Interfascicular cambium) किन कोशिकाओं से विकसित होती है:
A
जाइलम मृदूतक
B
अंतस्त्वचा
C
परिरंभ
D
मज्जा किरणें

Solution

(D) द्विबीजपत्री तनों में द्वितीयक वृद्धि के दौरान,संवहनी बंडलों के बीच स्थित मज्जा किरणों (medullary rays) की कोशिकाएं विभज्योतक (meristematic) हो जाती हैं।
ये कोशिकाएं अंतरापूलीय एधा का निर्माण करती हैं।
यह एधा संवहनी बंडलों के भीतर मौजूद अंतःपूलीय एधा (intrafascicular cambium) के साथ जुड़कर संवहनी एधा का एक पूर्ण और निरंतर वलय बनाती है।
228
MediumMCQ
कॉर्क एधा (त्वक्षेधा) ......... से निर्मित होती है।
A
त्वक्षेधा
B
संवहन एधा
C
फ्लोएम
D
जाइलम

Solution

(A) कॉर्क एधा,जिसे $phellogen$ (त्वक्षेधा) के रूप में भी जाना जाता है,एक द्वितीयक विभज्योतक ऊतक है।
यह द्विबीजपत्री तनों और जड़ों में द्वितीयक वृद्धि के दौरान एपिडर्मिस के ठीक नीचे स्थित कॉर्टिकल कोशिकाओं (मृदूतक कोशिकाओं) के अविवेदन (dedifferentiation) द्वारा निर्मित होती है।
इसलिए,कॉर्क एधा की उत्पत्ति कॉर्टिकल कोशिकाओं से होती है।
दिए गए विकल्पों में,$A$ (त्वक्षेधा) सबसे उपयुक्त विकल्प है क्योंकि यह पेरिडर्म (त्वक्षावरण) निर्माण के लिए जिम्मेदार ऊतक है।
229
MediumMCQ
डिफ्यूज-पोरस (diffuse-porous) और रिंग-पोरस (ring-porous) काष्ठ के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सत्य है?
A
रिंग-पोरस काष्ठ कम समय के लिए अधिक पानी का संचालन करता है।
B
डिफ्यूज-पोरस काष्ठ अधिक पानी का संचालन करता है।
C
रिंग-पोरस काष्ठ आवश्यकता के समय अधिक पानी का संचालन करता है।
D
डिफ्यूज-पोरस काष्ठ कम विशिष्ट होता है, लेकिन पानी का संचालन तेजी से करता है।

Solution

(C) $Ring-porous$ (रिंग-पोरस) काष्ठ में, शुरुआती काष्ठ $(early wood)$ में वाहिकाएं बाद के काष्ठ $(late wood)$ की तुलना में काफी बड़ी होती हैं, जो वसंत ऋतु में जब पौधे को पानी की अधिक आवश्यकता होती है, तब तेजी से और अधिक मात्रा में पानी के संचालन की अनुमति देती हैं。
$Diffuse-porous$ (डिफ्यूज-पोरस) काष्ठ में, वाहिकाएं पूरे वृद्धि वलय में समान आकार की होती हैं, जो $Ring-porous$ काष्ठ की अधिकतम क्षमता की तुलना में पानी के संचालन की स्थिर लेकिन सामान्यतः कम दर प्रदान करती हैं。
इसलिए, $Ring-porous$ काष्ठ को आवश्यकता के समय अधिक पानी के संचालन के लिए अधिक विशिष्ट माना जाता है।
230
MediumMCQ
संवहनी एधा (vascular cambium) . . . . . . उत्पन्न करती है।
A
प्राथमिक जाइलम और प्राथमिक फ्लोएम
B
द्वितीयक जाइलम और द्वितीयक फ्लोएम
C
प्राथमिक जाइलम और द्वितीयक फ्लोएम
D
द्वितीयक जाइलम और प्राथमिक फ्लोएम

Solution

(B) संवहनी एधा एक पार्श्व विभज्योतक (lateral meristem) है जो द्विबीजपत्री पौधों में द्वितीयक वृद्धि के लिए उत्तरदायी है।
द्वितीयक वृद्धि के दौरान,संवहनी एधा की कोशिकाएं परिणतिक (periclinal) विभाजन करती हैं।
अंदर की ओर उत्पन्न कोशिकाएं द्वितीयक जाइलम में विभेदित हो जाती हैं,जबकि बाहर की ओर उत्पन्न कोशिकाएं द्वितीयक फ्लोएम में विभेदित हो जाती हैं।
अतः,संवहनी एधा द्वितीयक जाइलम और द्वितीयक फ्लोएम का उत्पादन करती है।
231
MediumMCQ
अंतःपुलिय एधा (intrafascicular cambium) और अंतरपुलिय एधा (interfascicular cambium) ....... हैं।
A
द्वितीयक फ्लोएम और जाइलम के भाग।
B
परिरंभ (pericycle) के भाग।
C
पार्श्व विभज्योतक (lateral meristems)।
D
शीर्षस्थ विभज्योतक (apical meristems)।

Solution

(C) अंतःपुलिय एधा और अंतरपुलिय एधा दोनों पौधों में द्वितीयक वृद्धि के लिए उत्तरदायी होते हैं।
ये दोनों मिलकर एक पूर्ण वलय बनाते हैं जिसे 'एधा वलय' (cambium ring) कहा जाता है।
ये ऊतक पौधों के अंगों की मोटाई में वृद्धि करते हैं,इसलिए इन्हें 'पार्श्व विभज्योतक' (Lateral Meristems) के रूप में वर्गीकृत किया जाता है।
232
MediumMCQ
किस प्रकार की लकड़ी सड़ने के प्रति अधिक संवेदनशील होती है?
A
रसकाष्ठ (Sapwood)
B
मुलायम लकड़ी (Softwood)
C
रेशेदार लकड़ी (Fibrous wood)
D
हृदयकाष्ठ (Heartwood)

Solution

(A) . रसकाष्ठ (जिसे $alburnum$ के रूप में भी जाना जाता है) द्वितीयक जाइलम का परिधीय,जीवित भाग है।
इसमें जीवित कोशिकाएं होती हैं और यह पानी और खनिजों का संचालन करती है।
चूंकि यह कम सघन होता है और इसमें स्टार्च और शर्करा जैसे संग्रहीत खाद्य पदार्थ होते हैं,इसलिए यह सूक्ष्मजीवों,कवक और कीड़ों के हमले के प्रति अधिक संवेदनशील होता है,जिससे यह हृदयकाष्ठ की तुलना में तेजी से सड़ता है।
हृदयकाष्ठ द्वितीयक जाइलम का केंद्रीय,मृत भाग है,जो टैनिन,रेजिन और तेलों से भरा होता है,जो इसे सड़ने के प्रति अत्यधिक प्रतिरोधी बनाता है।
233
EasyMCQ
पेरीडर्म .......... से उत्पन्न होता है।
A
संवहन एधा
B
फेसीकुलर एधा
C
फेलोजन
D
इंट्राफेसीकुलर एधा

Solution

(C) पेरीडर्म काष्ठीय पौधों के तने और जड़ में बनने वाले द्वितीयक सुरक्षात्मक ऊतकों के लिए एक सामूहिक शब्द है।
यह तीन परतों से बना होता है: फेलोजन (कॉर्क एधा),फेलेम (कॉर्क),और फेलोडर्म (द्वितीयक वल्कुट)।
फेलोजन एक विभज्योतक ऊतक है जो बाहर की ओर फेलेम और अंदर की ओर फेलोडर्म का उत्पादन करके पेरीडर्म को जन्म देता है।
इसलिए,पेरीडर्म फेलोजन से उत्पन्न होता है।
234
MediumMCQ
द्विबीजपत्री में पाई जाने वाली पतली भित्ति वाली कोशिकाओं की संकीर्ण परत (फ्लोएम और जाइलम के बीच) .......... कहलाती है।
A
कॉर्क कैम्बियम (त्वक्षेधा)
B
संवहन एधा (वाहिपुलीय एधा)
C
अंतस्त्वचा
D
परिरंभ

Solution

(B) द्विबीजपत्री तनों में, प्राथमिक जाइलम और प्राथमिक फ्लोएम के बीच मौजूद विभज्योतकी परत को $Vascular \text{ } cambium$ (संवहन एधा) कहा जाता है।
यह परत अंदर की ओर द्वितीयक जाइलम और बाहर की ओर द्वितीयक फ्लोएम का निर्माण करके द्वितीयक वृद्धि के लिए उत्तरदायी होती है।
अतः, सही विकल्प $B$ है।
235
MediumMCQ
असामान्य (Anomalous) द्वितीयक वृद्धि .......... में देखी जाती है।
A
ड्रेसेना
B
अदरक
C
गेहूं
D
सूरजमुखी

Solution

(A) असामान्य द्वितीयक वृद्धि का तात्पर्य द्विबीजपत्री तनों में देखी जाने वाली सामान्य द्वितीयक वृद्धि के पैटर्न से किसी भी विचलन से है।
अधिकांश एकबीजपत्री पौधों में द्वितीयक वृद्धि अनुपस्थित होती है। हालाँकि,$Dracaena$ (ड्रेसेना),$Yucca$ (युक्का) और $Aloe$ (एलोवेरा) जैसे कुछ एकबीजपत्री पौधों में असामान्य द्वितीयक वृद्धि देखी जाती है।
यह वल्कुट (cortex) में एक द्वितीयक एधा (cambium) के निर्माण के कारण होता है,जो संवहनी बंडल और मृदूतक ऊतक उत्पन्न करता है,जिससे तने की मोटाई में वृद्धि होती है।
इसलिए,दिए गए विकल्पों में से $Dracaena$ सही उत्तर है।
236
MediumMCQ
जैसे-जैसे वृक्ष में द्वितीयक वृद्धि आगे बढ़ती है,निम्नलिखित में से किसकी मोटाई बढ़ती है?
A
हार्ट वुड (अंतःकाष्ठ)
B
सैप वुड (रसकाष्ठ)
C
दोनों
D
दोनों समान रहते हैं

Solution

(A) जैसे-जैसे वृक्ष में द्वितीयक वृद्धि आगे बढ़ती है,संवहनी एधा (vascular cambium) अंदर की ओर द्वितीयक जाइलम का निर्माण करती है।
समय के साथ,तने के केंद्र के पास का पुराना द्वितीयक जाइलम निष्क्रिय हो जाता है और टैनिन,रेजिन और तेल से भर जाता है,जिससे हार्ट वुड (अंतःकाष्ठ) का निर्माण होता है।
द्वितीयक जाइलम का परिधीय,कार्यात्मक भाग सैप वुड (रसकाष्ठ) कहलाता है।
जैसे-जैसे वृक्ष की आयु बढ़ती है,हार्ट वुड की मात्रा बढ़ती जाती है क्योंकि अधिक द्वितीयक जाइलम हार्ट वुड में परिवर्तित हो जाता है,जबकि सैप वुड की परत जल संवहन के लिए अपेक्षाकृत स्थिर मोटाई बनाए रखती है।
237
MediumMCQ
निम्नलिखित में से कौन सा विभज्योतक द्विबीजपत्री तने में बाह्य-रंभीय (extra-stelar) द्वितीयक वृद्धि के लिए उत्तरदायी है?
A
अंतरा-पुल एधा (Interfascicular cambium)
B
अंतः-पुल एधा (Intrafascicular cambium)
C
अंतर्वेशी विभज्योतक
D
फेलोजन (काग एधा)

Solution

(D) द्विबीजपत्री तने में द्वितीयक वृद्धि दो क्षेत्रों में होती है: रंभीय और बाह्य-रंभीय।
$1$. रंभीय द्वितीयक वृद्धि संवहनी एधा (अंतः-पुल और अंतरा-पुल एधा) के कारण होती है।
$2$. बाह्य-रंभीय द्वितीयक वृद्धि (जिसे काग का निर्माण भी कहा जाता है) तने की मोटाई बढ़ने के साथ एपिडर्मिस और कॉर्टेक्स को प्रतिस्थापित करने के लिए उत्तरदायी है।
$3$. यह प्रक्रिया $Phellogen$ (काग एधा) द्वारा शुरू होती है,जो एक विभज्योतक ऊतक है और कॉर्टेक्स क्षेत्र में विकसित होता है।
$4$. अतः,$Phellogen$ बाह्य-रंभीय द्वितीयक वृद्धि के लिए उत्तरदायी है।
238
MediumMCQ
द्वितीयक वृद्धि के अध्ययन में निम्नलिखित में से कौन सा युग्म सही है?
A
सागौन और पाइनस
B
देवदार और फर्न
C
गेहूं और फर्न
D
गन्ना और सूरजमुखी

Solution

(A) द्वितीयक वृद्धि पादप शरीर की मोटाई या घेरे में होने वाली वृद्धि है,जो संवहनी एधा और कॉर्क एधा की सक्रियता के कारण होती है।
यह द्विबीजपत्री पौधों और अनावृतबीजी (जिम्नोस्पर्म) पौधों की एक विशेषता है।
$A$. सागौन ($Tectona$ $grandis$) एक द्विबीजपत्री है और पाइनस एक अनावृतबीजी है; दोनों में द्वितीयक वृद्धि होती है।
$B$. देवदार $(Cedrus)$ एक अनावृतबीजी है,लेकिन फर्न (टेरिडोफाइट्स) में द्वितीयक वृद्धि नहीं होती है।
$C$. गेहूं एकबीजपत्री है और फर्न एक टेरिडोफाइट है; दोनों में द्वितीयक वृद्धि नहीं होती है।
$D$. गन्ना एकबीजपत्री है और इसमें द्वितीयक वृद्धि नहीं होती है,जबकि सूरजमुखी द्विबीजपत्री है और इसमें यह होती है।
अतः,सही युग्म सागौन और पाइनस है।
239
MediumMCQ
हृदयकाष्ठ (Heartwood) रसकाष्ठ (Sapwood) से किस प्रकार भिन्न है?
A
किरणों और तंतुओं की उपस्थिति
B
वाहिकाओं और मृदूतक की अनुपस्थिति
C
मृत और अचालक तत्वों की उपस्थिति
D
कीटों और रोगजनकों के प्रति संवेदनशीलता

Solution

(C) हृदयकाष्ठ $(duramen)$ द्वितीयक जाइलम का आंतरिक,पुराना भाग है जो टैनिन,रेजिन,तेल,गोंद,सुगंधित पदार्थों और आवश्यक तेलों जैसे कार्बनिक यौगिकों के जमाव के कारण गहरे रंग का हो जाता है।
ये पदार्थ इसे कठोर,टिकाऊ और सूक्ष्मजीवों तथा कीटों के हमलों के प्रति प्रतिरोधी बनाते हैं।
इन पदार्थों के जमाव के कारण,हृदयकाष्ठ के तत्व मृत और अचालक हो जाते हैं,जिसका अर्थ है कि वे अब जल और खनिजों के संवहन में भाग नहीं लेते हैं।
इसके विपरीत,रसकाष्ठ $(alburnum)$ द्वितीयक जाइलम का परिधीय,हल्के रंग का क्षेत्र है जो जल और खनिजों के संवहन में शामिल होता है।
240
EasyMCQ
वृक्ष की आयु का अनुमान किसके द्वारा लगाया जा सकता है?
A
हार्टवुड (मध्याकाष्ठ) की परिधि
B
इसकी ऊँचाई और परिधि
C
जैवभार
D
वार्षिक वलयों की संख्या

Solution

(D) वृक्ष की आयु उसके तने में मौजूद वार्षिक वलयों (annual rings) की संख्या को गिनकर निर्धारित की जाती है।
प्रत्येक वार्षिक वलय एक वर्ष की वृद्धि को दर्शाता है,जिसमें वसंत काष्ठ (spring wood) और शरद काष्ठ (autumn wood) की एक परत शामिल होती है।
वृक्ष की आयु निर्धारित करने की इस विधि को डेंड्रोक्रोनोलॉजी (dendrochronology) कहा जाता है।
241
MediumMCQ
अंतःपुलीय एधा (interfascicular cambium),किन कोशिकाओं से विकसित होती है -
A
परिरंभ (Pericycle)
B
मज्जा किरणें (Medullary rays)
C
जाइलम मृदूतक (Xylem parenchyma)
D
अंतस्त्वचा (Endodermis)

Solution

(B) द्विबीजपत्री तनों में,संवहनी एधा शुरू में प्राथमिक जाइलम और प्राथमिक फ्लोएम के बीच पट्टियों के रूप में मौजूद होती है,जिसे अंतःपुलीय एधा (intrafascicular cambium) कहा जाता है।
द्वितीयक वृद्धि के दौरान,संवहनी बंडलों के बीच स्थित मज्जा किरणों (medullary rays) की कोशिकाएं विभाज्योतक (meristematic) होकर अंतःपुलीय एधा (interfascicular cambium) का निर्माण करती हैं।
साथ मिलकर,अंतःपुलीय और अंतःपुलीय एधा संवहनी एधा का एक पूर्ण वलय बनाती हैं।
242
MediumMCQ
नोट में दिए गए $a$ से $d$ घटकों को पढ़ें और एक परिपक्व तने में बाहर से अंदर की ओर घटकों का सही क्रम पहचानें:
$(a)$ द्वितीयक वल्कुट (Secondary cortex)
$(b)$ काष्ठ (द्वितीयक जाइलम)
$(c)$ द्वितीयक फ्लोएम
$(d)$ काग (Phellem)
A
$(d), (a), (c), (b)$
B
$(c), (d), (b), (a)$
C
$(a), (b), (d), (c)$
D
$(d), (c), (a), (b)$

Solution

(A) द्वितीयक वृद्धि करने वाले परिपक्व द्विबीजपत्री तने में, परिधि (बाहर) से केंद्र (अंदर) की ओर ऊतकों की व्यवस्था इस प्रकार होती है:
$1$. काग (Phellem) - काग एधा (cork cambium) द्वारा निर्मित सबसे बाहरी सुरक्षात्मक परत।
$2$. द्वितीयक वल्कुट (Phelloderm) - काग एधा द्वारा अंदर की ओर निर्मित परत।
$3$. द्वितीयक फ्लोएम - संवहनी एधा (vascular cambium) द्वारा बाहर की ओर निर्मित परत।
$4$. काष्ठ (द्वितीयक जाइलम) - संवहनी एधा द्वारा अंदर की ओर निर्मित परत।
अतः, बाहर से अंदर का सही क्रम है: काग $(d) \rightarrow$ द्वितीयक वल्कुट $(a) \rightarrow$ द्वितीयक फ्लोएम $(c) \rightarrow$ काष्ठ $(b)$।
इस प्रकार, सही क्रम $(d), (a), (c), (b)$ है।
243
MediumMCQ
टायलोस (tyloses) के रूप में जानी जाने वाली गुब्बारे जैसी संरचनाएं क्या हैं?
A
जाइलम पैरेन्काइमा कोशिकाओं के जाइलम वाहिका (vessel) के ल्यूमेन में विस्तार।
B
वाहिकाओं के माध्यम से रसारोहण (ascent of sap) से जुड़ी संरचनाएं।
C
वाहिकाओं (tracheids) के ल्यूमेन से उत्पन्न होने वाली संरचनाएं।
D
आमतौर पर रसकाष्ठ (sapwood) में पाई जाने वाली संरचनाएं।

Solution

(A) टायलोस जाइलम पैरेन्काइमा कोशिकाओं के गुब्बारे जैसे उभार होते हैं जो गर्त (pits) के माध्यम से जाइलम वाहिकाओं या वाहिकाओं (tracheids) के ल्यूमेन में प्रवेश करते हैं।
ये आमतौर पर पुराने,गैर-कार्यात्मक जाइलम (हार्टवुड) में विकसित होते हैं ताकि वाहिकाओं को अवरुद्ध किया जा सके,जिससे रोगजनकों के प्रसार को रोका जा सके और पानी की हानि को कम किया जा सके।
इसलिए,ये जाइलम पैरेन्काइमा कोशिकाओं का वाहिका ल्यूमेन में विस्तार हैं।
244
MediumMCQ
संवहनीय एधा (vascular cambium) सामान्यतः ......... उत्पन्न करती है।
A
फेलोडर्म
B
प्राथमिक फ्लोएम
C
द्वितीयक जाइलम
D
पेरीडर्म

Solution

(C) संवहनीय एधा एक पार्श्व विभज्योतक (lateral meristem) है जो पौधों में द्वितीयक वृद्धि के लिए उत्तरदायी है।
यह विभाजित होकर अंदर की ओर द्वितीयक जाइलम और बाहर की ओर द्वितीयक फ्लोएम का निर्माण करती है।
द्वितीयक फ्लोएम की तुलना में द्वितीयक जाइलम बहुत अधिक मात्रा में उत्पन्न होता है।
अतः,संवहनीय एधा सामान्यतः द्वितीयक जाइलम उत्पन्न करती है।
245
MediumMCQ
निम्नलिखित में से किसमें मृत कोशिकाएं होती हैं?
A
जाइलम मृदूतक
B
स्थूलकोणोतक
C
कॉर्क (फेलेम)
D
फ्लोएम

Solution

(C) कॉर्क (जिसे $Phellem$ भी कहा जाता है) पौधों में द्वितीयक वृद्धि के दौरान बनने वाले परित्वक $(Periderm)$ का एक घटक है।
यह मृत कोशिकाओं से बना होता है जो बिना किसी अंतरकोशिकीय स्थान के सघन रूप से व्यवस्थित होती हैं।
इन कोशिकाओं की कोशिका भित्ति $suberin$ नामक मोमी पदार्थ से मोटी होती है,जो उन्हें पानी और गैसों के लिए अभेद्य बनाती है।
इसके विपरीत,जाइलम मृदूतक,स्थूलकोणोतक और फ्लोएम (विशेष रूप से चालनी नलिकाएं और सहचर कोशिकाएं) परिपक्वता पर जीवित कोशिकाएं रखते हैं।
246
MediumMCQ
हार्टवुड (Heartwood) के संबंध में गलत कथन की पहचान करें।
A
इसमें कार्बनिक यौगिक जमा होते हैं।
B
यह अत्यधिक टिकाऊ होता है।
C
यह पानी और खनिजों का कुशलतापूर्वक संचालन करता है।
D
यह अत्यधिक लिग्निनयुक्त दीवारों वाले मृत तत्वों से बना होता है।

Solution

(C) सही उत्तर है। हार्टवुड द्वितीयक जाइलम का केंद्रीय,गैर-कार्यात्मक भाग है।
$1$. यह तने की केंद्रीय परतों में टैनिन,रेजिन,तेल,गोंद,सुगंधित पदार्थों और आवश्यक तेलों जैसे कार्बनिक यौगिकों के जमा होने के कारण बनता है।
$2$. ये पदार्थ इसे कठोर,टिकाऊ और सूक्ष्मजीवों तथा कीटों के हमलों के प्रति प्रतिरोधी बनाते हैं।
$3$. चूंकि वाहिकाओं (vessels) और वाहिनिकाओं (tracheids) को इन निक्षेपों द्वारा अवरुद्ध कर दिया जाता है,इसलिए हार्टवुड पानी या खनिजों का संचालन नहीं करता है।
$4$. यह अत्यधिक लिग्निनयुक्त दीवारों वाले मृत तत्वों से बना होता है।
इसलिए,यह कथन कि यह पानी और खनिजों का कुशलतापूर्वक संचालन करता है,गलत है।
247
MediumMCQ
डिफ्यूज-पोरस वुड (Diffuse-porous wood) किस क्षेत्र के पौधों की विशेषता है?
A
उष्णकटिबंधीय क्षेत्र
B
अल्पाइन क्षेत्र
C
ठंडी सर्दियों वाले क्षेत्र
D
समशीतोष्ण जलवायु

Solution

(A) डिफ्यूज-पोरस वुड लकड़ी का एक प्रकार है जिसमें वाहिकाएं (vessels) पूरे विकास वलय (growth ring) में समान रूप से वितरित होती हैं। इस प्रकार की लकड़ी आमतौर पर उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में उगने वाले पौधों में पाई जाती है,जहां विकास की स्थितियों में कोई महत्वपूर्ण मौसमी परिवर्तन नहीं होता है। इसके विपरीत,रिंग-पोरस वुड उन समशीतोष्ण क्षेत्रों की विशेषता है जहां स्पष्ट मौसमी परिवर्तन होते हैं।
248
MediumMCQ
द्विबीजपत्री तने में द्वितीयक जाइलम और फ्लोएम किसके द्वारा उत्पन्न होते हैं?
A
कक्षीय विभज्योतक
B
शीर्षस्थ विभज्योतक
C
कॉर्क कैम्बियम (फेलाजन)
D
संवहन एधा (वैस्कुलर कैम्बियम)

Solution

(D) द्विबीजपत्री तनों में,द्वितीयक वृद्धि संवहन एधा (वैस्कुलर कैम्बियम) की सक्रियता के कारण होती है।
द्वितीयक वृद्धि के दौरान,संवहन एधा की कोशिकाएं परिणत विभाजन (periclinal division) द्वारा अंदर की ओर द्वितीयक जाइलम और बाहर की ओर द्वितीयक फ्लोएम का निर्माण करती हैं।
$A$ - कक्षीय विभज्योतक शाखाओं या फूलों के निर्माण के लिए जिम्मेदार होते हैं।
$B$ - शीर्षस्थ विभज्योतक प्राथमिक वृद्धि (लंबाई में वृद्धि) के लिए जिम्मेदार होते हैं।
$C$ - कॉर्क कैम्बियम (फेलाजन) पेरिडर्म (कॉर्क और द्वितीयक वल्कुट) के निर्माण के लिए जिम्मेदार होता है।
$D$ - संवहन एधा सही उत्तर है क्योंकि यह द्वितीयक संवहनी ऊतकों के निर्माण के लिए जिम्मेदार है।
249
MediumMCQ
वे पौधे जिनमें द्वितीयक वृद्धि बहुत कम या नहीं होती है,वे हैं
A
साइकैड्स
B
घास
C
शंकुधारी
D
पर्णपाती आवृतबीजी

Solution

(B) द्वितीयक वृद्धि पौधे के शरीर की मोटाई या घेरे में होने वाली वृद्धि है,जो पार्श्व विभज्योतक (संवहनी एधा और कॉर्क एधा) की सक्रियता के कारण होती है।
एकबीजपत्री पौधे,जैसे कि घास,में आमतौर पर द्वितीयक वृद्धि का अभाव होता है क्योंकि उनमें कार्यात्मक संवहनी एधा नहीं होती है।
इसके विपरीत,अनावृतबीजी (जैसे साइकैड्स और शंकुधारी) और द्विबीजपत्री आवृतबीजी (जैसे पर्णपाती पेड़) अपने बहुवर्षीय स्वभाव के कारण महत्वपूर्ण द्वितीयक वृद्धि प्रदर्शित करते हैं।
इसलिए,दिए गए विकल्पों में से घास वह पौधा है जो बहुत कम या कोई द्वितीयक वृद्धि प्रदर्शित नहीं करता है।

Anatomy of Flowering Plants — Secondary growth · Frequently Asked Questions

1Are these Anatomy of Flowering Plants questions useful for JEE and NEET?

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