आवर्ती गति और सरल आवर्त गति के बीच अंतर लिखिए।

Vedclass pdf generator app on play store
Vedclass iOS app on app store
(N/A) $1$. आवर्ती गति: वह गति जो निश्चित समय अंतराल के बाद स्वयं को दोहराती है,आवर्ती गति कहलाती है। इसके लिए विस्थापन के समानुपाती प्रत्यानयन बल (restoring force) का होना आवश्यक नहीं है। उदाहरण: पृथ्वी की सूर्य के चारों ओर गति।
$2$. सरल आवर्त गति $(SHM)$: यह आवर्ती गति का एक विशेष प्रकार है जिसमें प्रत्यानयन बल माध्य स्थिति से विस्थापन के सीधे समानुपाती होता है और हमेशा माध्य स्थिति की ओर निर्देशित होता है। गति का समीकरण $F = -kx$ द्वारा दिया जाता है,जहाँ $k$ बल नियतांक है और $x$ विस्थापन है। उदाहरण: छोटे आयामों के लिए सरल लोलक की गति।

Explore More

Similar Questions

सरल आवर्त गति के लिए बल नियम से विस्थापन का व्यंजक प्राप्त कीजिए।

Difficult
View Solution

निम्नलिखित स्थितियों में प्रत्यानयन बल (restoring force) किसके द्वारा प्रदान किया जाता है?
$(1)$ संपीडित स्प्रिंग।
$(2)$ $U$-ट्यूब में पानी का विस्थापन।
$(3)$ लोलक के गोलक का माध्य स्थिति से विस्थापन।

निम्नलिखित में से कौन सा समीकरण सरल आवर्त गति (Simple Harmonic Motion) को दर्शाता है? $(\omega$ कोणीय आवृत्ति है,$A$ दोलन का आयाम है और $i = \sqrt{-1})$

एक पिंड $SI$ इकाइयों में निम्नलिखित समीकरण के अनुसार $SHM$ करता है:
$x = 5 \cos (2 \pi t + \pi / 4)$
$t = 1.5 \, s$ पर,निम्नलिखित की गणना करें:
$(a)$ विस्थापन
$(b)$ चाल
$(c)$ पिंड का त्वरण।

आवर्तकाल और कोणीय आवृत्ति को परिभाषित कीजिए और उनके बीच संबंध प्राप्त कीजिए।

Vedclass Products

For Students

Vedclass Test Series

Mock tests in real JEE/NEET style with performance analysis. 5-day free trial.

Start Free Trial
For Teachers

Exam Paper Generator

Generate Set A/B/C/D exam papers from 7.5L+ questions in 2 minutes. 3 chapters free.

Try Free
For Institutes

Online Exam Module

Live online exams with unlimited students, 360° analytics & white-label branding.

See Demo