(N/A) अपवर्तन के नियम निम्नलिखित हैं:
$1$. आपतित किरण, अपवर्तित किरण तथा दो पारदर्शी माध्यमों को अलग करने वाली सतह के आपतन बिंदु पर अभिलंब, तीनों एक ही तल में होते हैं।
$2$. स्नेल का नियम: प्रकाश के किसी निश्चित रंग तथा माध्यमों के किसी निश्चित युग्म के लिए आपतन कोण की ज्या $(\sin i)$ तथा अपवर्तन कोण की ज्या $(\sin r)$ का अनुपात एक स्थिरांक होता है, जिसे $\frac{\sin i}{\sin r} = \text{स्थिरांक} = n_{21}$ के रूप में व्यक्त किया जाता है।
जब प्रकाश की किरण एक आयताकार कांच के स्लैब से गुजरती है:
- किरण हवा (विरल माध्यम) से कांच (सघन माध्यम) में प्रवेश करती है और अभिलंब की ओर झुक जाती है।
- यह कांच से होकर गुजरती है और फिर कांच से हवा में बाहर निकलती है, जहाँ यह अभिलंब से दूर हट जाती है।
- निर्गत किरण आपतित किरण के समानांतर होती है लेकिन इसमें पार्श्व विस्थापन (lateral displacement) होता है। आपतित किरण के मूल पथ और निर्गत किरण के बीच की इस लंबवत दूरी को पार्श्व विस्थापन कहते हैं।