| अस्थि (Bone) | उपास्थि (Cartilage) |
|---|---|
| प्रकार: सघन या स्पंजी। लंबी, छोटी, चपटी या अनियमित हो सकती हैं। | प्रकार: काचाभ उपास्थि, तंतुमय उपास्थि और लचीली उपास्थि। |
| कार्य: शरीर का ढांचा बनाना, प्रचलन, सुरक्षा, खनिजों का भंडारण और रक्त कोशिकाओं का निर्माण। | कार्य: जोड़ों में घर्षण को रोकना, श्वास नली को सहारा देना, झटकों को सोखना और लचीलापन प्रदान करना। |
| संरचना: कठोर, कैल्सीकृत आधात्री में अस्थिकोशिकाएं (osteocytes) होती हैं। यह अत्यधिक संवहनी (vascular) होती है। | संरचना: अर्ध-ठोस, लचीली आधात्री में उपास्थिकोशिकाएं (chondrocytes) होती हैं। यह सामान्यतः असंवहनी होती है। |
| स्थान: मुख्य अक्षीय और उपांगी कंकाल का निर्माण करती है। | स्थान: जोड़ों, नाक के सिरे, बाहरी कान और श्वास नली में पाई जाती है। |
| तंतुमय आवरण: पेरिओस्टियम (periosteum) से घिरी होती है, जो संवेदी तंत्रिका तंतुओं से समृद्ध होती है। | तंतुमय आवरण: पेरिकॉन्ड्रियम (perichondrium) नामक तंतुमय झिल्ली से घिरी होती है। |
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