(N/A) यांत्रिकी में बलों को मुख्य रूप से दो श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है: क्षेत्र बल और संपर्क बल।
$1$. क्षेत्र बल: ये बल बिना किसी भौतिक संपर्क के दूरी से कार्य करते हैं। उदाहरणों में गुरुत्वाकर्षण बल,विद्युत बल और विद्युत चुम्बकीय बल शामिल हैं।
$2$. संपर्क बल: ये बल दो वस्तुओं के बीच भौतिक संपर्क के कारण उत्पन्न होते हैं। उदाहरण:
- अभिलंब बल (Normal Force): जब कोई वस्तु किसी सतह पर रखी होती है,तो सतह के लंबवत लगने वाले संपर्क बल के घटक को अभिलंब बल $(N)$ कहा जाता है।
- घर्षण बल (Frictional Force): सतह के समानांतर लगने वाले संपर्क बल के घटक को घर्षण बल $(f)$ कहा जाता है।
- तनाव बल (Tension): जब किसी डोरी,रस्सी या केबल को विपरीत सिरों से खींचा जाता है,तो उसमें उत्पन्न होने वाला बल।
- प्रत्यानयन बल (स्प्रिंग बल): जब किसी स्प्रिंग पर बाहरी बल लगाया जाता है,तो उसमें एक प्रत्यानयन बल विकसित होता है जो उसे मूल आकार में लाने का प्रयास करता है। यह बल लंबाई में परिवर्तन $(x)$ के समानुपाती होता है और इसे समीकरण $F = -kx$ द्वारा दिया जाता है। ऋणात्मक चिह्न यह दर्शाता है कि प्रत्यानयन बल विस्थापन की विपरीत दिशा में कार्य करता है।