(N/A) $M$ द्रव्यमान वाले ग्रह के चारों ओर $r$ दूरी पर परिक्रमा कर रहे $m$ द्रव्यमान वाले उपग्रह की कुल ऊर्जा $(E)$,उसकी गतिज ऊर्जा $(K)$ और स्थितिज ऊर्जा $(U)$ का योग है।
$K = \frac{GMm}{2r}$
$U = -\frac{GMm}{r}$
$E = K + U = \frac{GMm}{2r} - \frac{GMm}{r} = -\frac{GMm}{2r}$
कुल ऊर्जा ऋणात्मक होती है क्योंकि उपग्रह ग्रह के गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र में 'बद्ध अवस्था' (bound state) में होता है। ऋणात्मक कुल ऊर्जा यह दर्शाती है कि उपग्रह के पास ग्रह के गुरुत्वाकर्षण खिंचाव से मुक्त होकर अनंत तक पहुँचने के लिए पर्याप्त ऊर्जा नहीं है। कुल ऊर्जा को शून्य (पलायन के लिए आवश्यक शर्त) बनाने के लिए,उपग्रह को $+\frac{GMm}{2r}$ के बराबर बाहरी ऊर्जा प्रदान करनी होगी।