(N/A) सिद्धांत: स्तंभ वर्णलेखन का सिद्धांत एक अधिशोषक (adsorbent) पर मिश्रण के घटकों की अलग-अलग अधिशोषण क्षमता पर आधारित है।
प्रक्रिया:
$1$. इस विधि में,एक उपयुक्त अधिशोषक (जैसे सिलिका जेल या एल्यूमिना) को एक लंबी कांच की नली (ब्यूरेट के समान) में स्तंभ के रूप में भरा जाता है,जिसके निचले सिरे पर एक स्टॉपकॉक होता है।
$2$. अधिशोषक को सहारा देने के लिए स्तंभ के निचले भाग में कपास या ग्लास वूल का प्लग लगाया जाता है। यह स्थिर प्रावस्था (stationary phase) के रूप में कार्य करता है।
$3$. जिस मिश्रण $(a+b+c)$ को अलग करना है,उसे एक उपयुक्त विलायक में घोलकर अधिशोषक स्तंभ के ऊपर डाला जाता है।
$4$. इसके बाद ऊपर से लगातार एक उपयुक्त विलायक या विलायकों का मिश्रण डाला जाता है,जिसे निक्षालन (elution) कहा जाता है।
$5$. डाला गया विलायक गतिशील प्रावस्था (mobile phase) के रूप में कार्य करता है,जो स्तंभ में नीचे की ओर गति करता है।
$6$. जैसे-जैसे गतिशील प्रावस्था नीचे जाती है,मिश्रण के घटक उनके अलग-अलग अधिशोषण के आधार पर पृथक हो जाते हैं। जो घटक दुर्बल रूप से अधिशोषित होता है,वह अधिक मजबूती से अधिशोषित घटक की तुलना में अधिक तेजी से बाहर (elute) निकलता है।
$7$. पूर्ण पृथक्करण प्राप्त करने के लिए निक्षालन की प्रक्रिया को कई बार दोहराया जाता है।
$8$. विभिन्न घटकों को अलग-अलग फ्लास्क में विभिन्न अंशों (fractions) के रूप में एकत्र किया जाता है।