(N/A) $1$. एरोमैटिक कार्बोक्सिलिक अम्ल इलेक्ट्रॉनरागी प्रतिस्थापन अभिक्रियाएं प्रदर्शित करते हैं।
$2$. कार्बोक्सिल समूह $(-COOH)$ एक निष्क्रियकारी और मेटा-निर्देशी समूह के रूप में कार्य करता है।
$3$. ये फ्रीडल-क्राफ्ट्स अभिक्रियाएं नहीं देते हैं क्योंकि कार्बोक्सिल समूह अत्यधिक निष्क्रियकारी होता है और उत्प्रेरक (लुईस अम्ल,$AlCl_3$) कार्बोक्सिल समूह के साथ बंध जाता है।
$4$. उदाहरण:
$(i)$ बेंजोइक अम्ल का नाइट्रीकरण: बेंजोइक अम्ल सांद्र $HNO_3$ और सांद्र $H_2SO_4$ के साथ अभिक्रिया करके $m$-नाइट्रोबेंजोइक अम्ल बनाता है।
(ii) बेंजोइक अम्ल का ब्रोमीनीकरण: बेंजोइक अम्ल $FeBr_3$ की उपस्थिति में $Br_2$ के साथ अभिक्रिया करके $m$-ब्रोमोबेंजोइक अम्ल बनाता है।
(iii) बेंजोइक अम्ल का सल्फोनीकरण: बेंजोइक अम्ल $H_2SO_4$ ($SO_3$ युक्त) के साथ अभिक्रिया करके $m$-सल्फोबेंजोइक अम्ल बनाता है।