(N/A) यकृत: यकृत शरीर की सबसे बड़ी ग्रंथि है,जिसका वजन एक वयस्क मानव में लगभग $1.2$ से $1.5 \ kg$ होता है। यह उदर गुहा में,डायाफ्राम के ठीक नीचे स्थित होता है और इसके दो पालियाँ (lobes) होती हैं। यकृत पालियाँ (hepatic lobules) यकृत की संरचनात्मक और कार्यात्मक इकाइयाँ हैं जिनमें यकृत कोशिकाएं डोरियों के रूप में व्यवस्थित होती हैं। प्रत्येक पालिका एक पतली संयोजी ऊतक म्यान से ढकी होती है जिसे ग्लिसन का कैप्सूल कहा जाता है।
पित्ताशय: यकृत कोशिकाओं द्वारा स्रावित पित्त,यकृत नलिकाओं से होकर गुजरता है और पित्ताशय नामक एक पतली,पेशीय थैली में जमा और केंद्रित होता है। पित्ताशय की नली (सिस्टिक डक्ट) यकृत की यकृत नली के साथ मिलकर सामान्य पित्त नली बनाती है।
अग्न्याशय: अग्न्याशय $'U'$-आकार के ग्रहणी (duodenum) के बीच स्थित एक संयुक्त (अंतःस्रावी और बहिःस्रावी दोनों) लंबी ग्रंथि है। इसका बहिःस्रावी भाग एंजाइम युक्त क्षारीय अग्न्याशय रस स्रावित करता है,और अंतःस्रावी भाग इंसुलिन और ग्लूकागन जैसे हार्मोन स्रावित करता है।
सामान्य नली प्रणाली: पित्त नली और अग्न्याशय नली एक साथ ग्रहणी में सामान्य यकृत-अग्न्याशय नली के रूप में खुलती हैं,जो ओड्डी के स्फिंक्टर (sphincter of Oddi) द्वारा नियंत्रित होती है।