(A) $\rightarrow$ इसे सामान्यतः 'लीली कुल' कहा जाता है।
$\rightarrow$ आवास: यह विश्वव्यापी है।
$\rightarrow$ कायिक लक्षण: भूमिगत शल्ककंद,घनकंद या प्रकंद वाले बारहमासी शाक।
$\rightarrow$ पत्तियाँ: अधिकांशतः आधारीय,एकांतर,रेखीय,अनुपर्णी और समानांतर शिराविन्यास वाली।
$\rightarrow$ पुष्पीय लक्षण:
$\rightarrow$ पुष्पक्रम: एकल या ससीमाक्ष; प्रायः छत्रक गुच्छों में।
$\rightarrow$ पुष्प: द्विलिंगी; त्रिज्यासममित।
$\rightarrow$ परिदलपुंज: छह परिदल $(3+3)$,प्रायः एक नली में जुड़े हुए; कोरस्पर्शी विन्यास।
$\rightarrow$ पुमंग: छह पुंकेसर $(3+3)$ ।
$\rightarrow$ जायांग: त्रि-अंडपी,युक्तांडपी,अंडाशय ऊर्ध्ववर्ती,त्रिकोष्ठकी और कई बीजांड युक्त; अक्षीय बीजांडन्यास।
$\rightarrow$ फल: संपुट,कभी-कभी सरस फल।
$\rightarrow$ बीज: भ्रूणपोषी।
$\rightarrow$ पुष्प सूत्र: $Br, \oplus, \hat{P}_{(3+3)}, A_{3+3}, G_{(3)}$