(N/A) धातुओं की चालकता का सूत्र: $\sigma = \frac{n e^{2} \tau}{m}$ है।
यहाँ,$n$ (आवेश वाहक घनत्व),$e$ (इलेक्ट्रॉन का आवेश),और $m$ (इलेक्ट्रॉन का द्रव्यमान) एक दी गई धातु के लिए स्थिर हैं।
इसलिए,$\sigma \propto \tau$,जहाँ $\tau$ विश्रांति काल (relaxation time) है।
तापमान में वृद्धि के साथ,जाली (lattice) आयनों के तापीय कंपन बढ़ जाते हैं,जिससे इलेक्ट्रॉनों की आयनों के साथ टक्कर अधिक बार होती है। इसके कारण विश्रांति काल $(\tau)$ कम हो जाता है।
चूंकि $\sigma \propto \tau$,इसलिए $\tau$ में कमी आने से चालकता $(\sigma)$ कम हो जाती है।
प्रतिरोधकता को $\rho = \frac{1}{\sigma}$ के रूप में परिभाषित किया गया है। चूंकि $\rho \propto \frac{1}{\tau}$,जैसे-जैसे तापमान बढ़ता है और $\tau$ घटता है,धातु की प्रतिरोधकता $(\rho)$ बढ़ जाती है।