(N/A) प्रतिचुंबकीय पदार्थ बाहरी चुंबकीय क्षेत्र द्वारा दुर्बल रूप से प्रतिकर्षित होने का गुण प्रदर्शित करते हैं।
जब किसी प्रतिचुंबकीय पदार्थ को बाहरी चुंबकीय क्षेत्र $B_0$ में रखा जाता है,तो परमाणुओं में प्रेरित चुंबकीय आघूर्ण (magnetic moment) लगाए गए क्षेत्र की विपरीत दिशा में होता है।
इसके परिणामस्वरूप पदार्थ के अंदर कुल चुंबकीय क्षेत्र $B$,बाहरी क्षेत्र $B_0$ से थोड़ा कम होता है,अर्थात $B < B_0$।
चुंबकन (magnetization) $M$ को प्रति इकाई आयतन चुंबकीय आघूर्ण के रूप में परिभाषित किया जाता है,और प्रतिचुंबकीय पदार्थों के लिए,$M$ बाहरी क्षेत्र $H$ की विपरीत दिशा में होता है।
चूंकि चुंबकीय प्रवृत्ति $\chi$ को $M = \chi H$ संबंध द्वारा परिभाषित किया जाता है,और $M$ तथा $H$ विपरीत दिशाओं में हैं,इसलिए $\chi$ का मान ऋणात्मक होना चाहिए।
अतः,प्रतिचुंबकीय पदार्थों के लिए चुंबकीय प्रवृत्ति $\chi$ एक छोटा ऋणात्मक मान है,जो सामान्यतः $-1 \le \chi < 0$ की सीमा में होता है।