जब $v$ और $\frac{v}{2}$ आवृत्ति के दो एकवर्णी प्रकाश एक फोटोइलेक्ट्रिक धातु पर आपतित होते हैं,तो उनके निरोधी विभव (stopping potential) क्रमशः $\frac{V_{s}}{2}$ और $V_{s}$ हो जाते हैं। इस धातु के लिए देहली आवृत्ति (threshold frequency) क्या है?

  • A
    $3v$
  • B
    $\frac{2}{3}v$
  • C
    $\frac{3}{2}v$
  • D
    $2v$

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दो अलग-अलग प्रकाश-संवेदी पदार्थों के लिए,जिनके कार्य फलन (work function) क्रमशः $\phi$ और $2 \phi$ हैं,उन्हें इलेक्ट्रॉनों का उत्सर्जन करने के लिए पर्याप्त ऊर्जा वाले प्रकाश से प्रकाशित किया जाता है। यदि इन दो पदार्थों के लिए निरोधी विभव (stopping potential) $(V_s)$ बनाम आवृत्ति $(\nu)$ का ग्राफ खींचा जाता है,तो इन दो पदार्थों के लिए ग्राफ की ढाल (slope) का अनुपात क्या होगा?

एक प्रकाश-संवेदनशील धातु की सतह का कार्य फलन (work function) $1.1 \ eV$ है। $1.5 \ eV$ और $2 \ eV$ ऊर्जा वाली प्रकाश की दो किरणें धातु की सतह पर आपतित होती हैं। उत्सर्जित फोटोइलेक्ट्रॉनों के अधिकतम वेग का अनुपात क्या है?

यदि किसी फोटोमेटल का कार्य फलन (work function) $6.825 \; eV$ है,तो इसकी देहली तरंगदैर्ध्य (threshold wavelength) ............. $\mathring A$ होगी $(c = 3 \times 10^8 \; m/s)$।

यह मानते हुए कि प्रकाश-उत्सर्जन (photoemission) हो रहा है,वह कारक क्या है जिससे उत्सर्जित प्रकाश-इलेक्ट्रॉनों का अधिकतम वेग बदल जाता है जब आपतित विकिरण की तरंग दैर्ध्य को चार गुना बढ़ा दिया जाता है?

जब आपतित विकिरण की ऊर्जा में $20\%$ की वृद्धि की जाती है,तो धातु की सतह से उत्सर्जित फोटोइलेक्ट्रॉन की गतिज ऊर्जा $0.5\, eV$ से बढ़कर $0.8\, eV$ हो जाती है। धातु का कार्य फलन ............. $eV$ है।

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