आप हार्डी-शुल्ज़ नियम में क्या संशोधन सुझा सकते हैं?

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(N/A) हार्डी-शुल्ज़ नियम बताता है कि 'मिलाए गए फ्लोक्यूलेटिंग आयन की संयोजकता जितनी अधिक होगी,अवक्षेपण (precipitation) करने की उसकी शक्ति उतनी ही अधिक होगी।'
यह नियम केवल आयन पर मौजूद आवेश को ध्यान में रखता है,उसके आकार को नहीं। हालाँकि,आयन का आकार जितना छोटा होगा,उसकी ध्रुवण क्षमता (polarising power) उतनी ही अधिक होगी।
इसलिए,हार्डी-शुल्ज़ नियम को फ्लोक्यूलेटिंग आयन की ध्रुवण क्षमता के संदर्भ में संशोधित किया जा सकता है। संशोधित नियम यह है कि 'मिलाए गए फ्लोक्यूलेटिंग आयन की ध्रुवण क्षमता जितनी अधिक होगी,अवक्षेपण करने की उसकी शक्ति उतनी ही अधिक होगी।'

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