(N/A) भारहीनता वह स्थिति है जिसमें किसी पिंड का आभासी भार शून्य हो जाता है। यह तब होता है जब कोई पिंड मुक्त रूप से गिर रहा हो (free fall),जिसका अर्थ है कि उस पर केवल गुरुत्वाकर्षण बल कार्य कर रहा है और किसी सतह से कोई अभिलंब प्रतिक्रिया बल (normal reaction force) नहीं लग रहा है।
उदाहरण:
$(i)$ मुक्त रूप से गिरती लिफ्ट: जब कोई लिफ्ट गुरुत्वाकर्षण के अधीन मुक्त रूप से गिरती है,तो उसका त्वरण $a = g$ होता है। लिफ्ट के अंदर $m$ द्रव्यमान वाले व्यक्ति का आभासी भार $W = m(g - a)$ द्वारा दिया जाता है। $a = g$ प्रतिस्थापित करने पर,हमें $W = m(g - g) = 0$ प्राप्त होता है। इस प्रकार,व्यक्ति भारहीनता का अनुभव करता है।
$(ii)$ उपग्रह: कक्षा में घूमता हुआ उपग्रह पृथ्वी की ओर निरंतर मुक्त पतन की स्थिति में होता है। इसकी कक्षा के लिए आवश्यक अभिकेंद्री त्वरण गुरुत्वाकर्षण द्वारा प्रदान किया जाता है $(a_c = g')$। चूंकि उपग्रह और उसके अंदर की हर वस्तु पृथ्वी के केंद्र की ओर समान दर से त्वरित हो रही है,इसलिए वस्तुओं और उपग्रह के फर्श के बीच कोई अभिलंब बल नहीं होता है,जिससे भारहीनता की स्थिति उत्पन्न होती है।