(N/A) किया गया कार्य $0 \, J$ है। वृत्ताकार कक्षा में,गुरुत्वाकर्षण बल गति की दिशा (विस्थापन) के लंबवत कार्य करता है। चूंकि बल और विस्थापन के बीच का कोण $90^{\circ}$ है,इसलिए किया गया कार्य $W = F \cdot s \cdot \cos(90^{\circ}) = 0$ होता है।
$(b)$ दिया गया है: द्रव्यमान $m = 250 \, g = 0.25 \, kg$,ऊँचाई $h = 2.5 \, m$,गुरुत्वीय त्वरण $g = 9.8 \, m/s^2$ (या $10 \, m/s^2$)।
चूंकि पत्थर को ऊपर की ओर फेंका जाता है,इसलिए गुरुत्वाकर्षण बल नीचे की ओर (विस्थापन के विपरीत) कार्य करता है।
किया गया कार्य $W = -mgh = -(0.25 \, kg) \times (9.8 \, m/s^2) \times (2.5 \, m) = -6.125 \, J$ (यदि $g = 10 \, m/s^2$ का उपयोग किया जाए तो $-6.25 \, J$)।