(N/A) जक्स्टाग्लोमेरुलर उपकरण $(JGA)$ एक जटिल नियामक संरचना है जो नेफ्रॉन की अभिवाही धमनिका (afferent arteriole) और दूरस्थ संवलित नलिका $(DCT)$ के बीच संपर्क बिंदु द्वारा बनती है।
$JGA$ में अभिवाही धमनिका में विशेष कोशिकाएं होती हैं जिन्हें जक्स्टाग्लोमेरुलर कोशिकाएं कहा जाता है। ये कोशिकाएं बैरोरिसेप्टर्स के रूप में कार्य करती हैं जो रक्तचाप या ग्लोमेरुलर रक्त प्रवाह में परिवर्तन को महसूस करती हैं।
जब ग्लोमेरुलर रक्त प्रवाह,ग्लोमेरुलर रक्तचाप या ग्लोमेरुलर निस्पंदन दर $(GFR)$ में कमी आती है,तो जक्स्टाग्लोमेरुलर कोशिकाएं रेनिन एंजाइम को मुक्त करने के लिए सक्रिय हो जाती हैं।
रेनिन प्लाज्मा प्रोटीन एंजियोटेंसिनोजेन को एंजियोटेंसिन $I$ में परिवर्तित करता है,जिसे एंजियोटेंसिन-परिवर्तित एंजाइम द्वारा आगे एंजियोटेंसिन $II$ में परिवर्तित किया जाता है।
एंजियोटेंसिन $II$ एक शक्तिशाली वासोकोन्स्ट्रिक्टर के रूप में कार्य करता है,जो रक्त वाहिकाओं को संकीर्ण करता है,जिससे ग्लोमेरुलर रक्तचाप और $GFR$ बढ़ जाता है।
इसके अतिरिक्त,एंजियोटेंसिन $II$ अधिवृक्क प्रांतस्था (adrenal cortex) को एल्डोस्टेरोन मुक्त करने के लिए उत्तेजित करता है। एल्डोस्टेरोन दूरस्थ संवलित नलिका और संग्राहक नलिका से सोडियम आयनों और पानी के पुनरावशोषण को बढ़ावा देता है,जो रक्त की मात्रा और रक्तचाप को बढ़ाता है,जिससे $GFR$ सामान्य स्तर पर वापस आ जाता है। इस पूरी नियामक प्रक्रिया को रेनिन-एंजियोटेंसिन-एल्डोस्टेरोन प्रणाली $(RAAS)$ के रूप में जाना जाता है।