(N/A) पुनर्संयोजन एलील्स या जीनों के नए संयोजन बनाने की प्रक्रिया है,जो मुख्य रूप से अर्धसूत्रीविभाजन के दौरान क्रॉसिंग ओवर या स्वतंत्र अपव्यूहन (independent assortment) के माध्यम से होती है।
आनुवंशिक इंजीनियरिंग और आनुवंशिकी के संदर्भ में,अल्फ्रेड स्टर्टेवेंट ने एक ही गुणसूत्र पर स्थित जीन जोड़े के बीच पुनर्संयोजन की आवृत्ति का उपयोग उनके बीच की भौतिक दूरी का अनुमान लगाने के लिए किया,जिससे गुणसूत्र पर उनकी स्थिति को प्रभावी ढंग से 'मैप' किया गया।
ये आनुवंशिक मानचित्र आधुनिक जैव प्रौद्योगिकी और जीनोमिक्स में एक आधारभूत उपकरण के रूप में कार्य करते हैं। इनका उपयोग संपूर्ण जीनोम के अनुक्रमण (sequencing) के लिए शुरुआती बिंदु के रूप में व्यापक रूप से किया जाता है,जो मानव जीनोम अनुक्रमण परियोजना (Human Genome Sequencing Project) की सफलता में महत्वपूर्ण था।