(N/A) रासायनिक अभिक्रिया का वेग प्रयोगात्मक स्थितियों जैसे कि अभिकारकों की सांद्रता (गैसों के मामले में दबाव),तापमान और उत्प्रेरक की उपस्थिति पर निर्भर करता है।
अभिक्रिया के वेग को अभिकारकों की सांद्रता के रूप में दर्शाने को वेग नियम कहा जाता है। इसे वेग समीकरण या वेग व्यंजक भी कहा जाता है।
एक सामान्य अभिक्रिया $aA + bB \rightarrow \text{Products}$ के लिए,वेग नियम को इस प्रकार व्यक्त किया जाता है:
Rate $= k[A]^x[B]^y$
जहाँ $k$ वेग स्थिरांक है,और $x$ तथा $y$ क्रमशः अभिकारक $A$ और $B$ के सापेक्ष अभिक्रिया की कोटि हैं।
समय के साथ अभिकारकों की सांद्रता घटने पर अभिक्रिया का वेग सामान्यतः घटता है। इसके विपरीत,जब अभिकारकों की सांद्रता बढ़ती है तो वेग बढ़ता है।
अतः,संबंध इस प्रकार है:
$\text{Rate of reaction} \propto [\text{Reactants}]$
इस प्रकार,अभिक्रिया का वेग अभिकारकों की सांद्रता की कुछ घातों के समानुपाती होता है।