(N/A) क्वांटम यांत्रिकी विज्ञान की एक शाखा है जो पदार्थ के द्वैत व्यवहार (तरंग-कण द्वैतता) को ध्यान में रखती है और यह तरंग गति के सिद्धांतों पर आधारित है।
क्वांटम यांत्रिकी का विकास $1926$ में वर्नर हाइजेनबर्ग और इरविन श्रोडिंगर द्वारा स्वतंत्र रूप से किया गया था। क्वांटम यांत्रिकी का मूलभूत समीकरण श्रोडिंगर द्वारा विकसित किया गया था,जिसके लिए उन्हें $1933$ में भौतिकी में नोबेल पुरस्कार मिला था।
यह समीकरण गणितीय रूप से जटिल है और इसे हल करने के लिए उच्च गणित के ज्ञान की आवश्यकता होती है।
यह स्वीकार करता है कि 'परमाणु में इलेक्ट्रॉन की ऊर्जा क्वांटीकृत (quantized) होती है।' इस सिद्धांत के अनुसार,परमाणु में इलेक्ट्रॉन का सटीक पथ कभी भी निर्धारित नहीं किया जा सकता है।
एक ऐसी प्रणाली (जैसे परमाणु या अणु जिसकी ऊर्जा समय के साथ नहीं बदलती) के लिए श्रोडिंगर समीकरण को इस प्रकार लिखा जाता है:
$\hat{H}\Psi = E\Psi$
जहाँ,
$\hat{H}$ = हैमिल्टोनियन ऑपरेटर (गणितीय ऑपरेटर)।
$E$ = प्रणाली की कुल ऊर्जा।
$\Psi$ = तरंग फलन (Wave function)।
इस समीकरण का समाधान $E$ और $\Psi$ के मान देता है।
कुल ऊर्जा $(E)$: इसमें सभी उप-परमाणु कणों (इलेक्ट्रॉन,नाभिक) की गतिज ऊर्जा और उनके बीच के आकर्षण बल को ध्यान में रखा जाता है।
तरंग फलन $(\Psi)$: यह परमाणु का तरंग फलन है। $\Psi$ का अपना कोई सीधा भौतिक अर्थ नहीं है,लेकिन $|\Psi|^2$ इलेक्ट्रॉन के पाए जाने की प्रायिकता घनत्व (probability density) को दर्शाता है।