$\rightarrow$ तने या शाखा पर पत्तियों के विन्यास के प्रतिरूप को पर्णविन्यास कहते हैं।
$\rightarrow$ यह सामान्यतः तीन प्रकार का होता है - एकांतर,सम्मुख और चक्रदार।
$\rightarrow$ एकांतर (Alternate): इस प्रकार के पर्णविन्यास में,प्रत्येक गांठ (node) से एक पत्ती एकांतर क्रम में निकलती है,उदाहरण के लिए - गुड़हल,सरसों और सूरजमुखी।
$\rightarrow$ सम्मुख (Opposite): इस प्रकार में,प्रत्येक गांठ से पत्तियों का एक जोड़ा निकलता है और वे एक-दूसरे के विपरीत स्थित होती हैं,उदाहरण के लिए - कैलोट्रोपिस (आक) और अमरूद।
$\rightarrow$ चक्रदार (Whorled): यदि एक गांठ से दो से अधिक पत्तियां निकलती हैं और एक चक्र बनाती हैं,तो इसे चक्रदार पर्णविन्यास कहते हैं,उदाहरण के लिए - एल्सटोनिया।