(N/A) जैविक खेती एक ऐसी कृषि प्रणाली है जो सिंथेटिक रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के बजाय जैव-उर्वरकों,जैविक खाद और जैविक कीट नियंत्रण का उपयोग करती है।
जैव-उर्वरक वे जीव हैं जो मिट्टी की पोषक गुणवत्ता को समृद्ध करते हैं।
- जैव-उर्वरकों के मुख्य स्रोत बैक्टीरिया,कवक और साइनोबैक्टीरिया हैं।
- फलीदार पौधों की जड़ों में ग्रंथियां $Rhizobium$ के सहजीवी संबंध द्वारा बनती हैं। ये बैक्टीरिया वायुमंडलीय नाइट्रोजन को जैविक रूपों में स्थिर करते हैं,जिनका उपयोग पौधे पोषक तत्वों के रूप में करते हैं।
- अन्य बैक्टीरिया मिट्टी में मुक्त-जीवी रहते हुए वायुमंडलीय नाइट्रोजन को स्थिर कर सकते हैं (उदाहरण: $Azospirillum$ और $Azotobacter$),जिससे मिट्टी में नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ जाती है।
वर्तमान में,हमारे देश में कई जैव-उर्वरक व्यावसायिक रूप से उपलब्ध हैं और किसान मिट्टी के पोषक तत्वों को फिर से भरने के लिए इनका नियमित रूप से उपयोग करते हैं।
जैविक खेती के लाभ:
$(i)$ मिट्टी की उर्वरता लंबे समय तक बनी रहती है।
$(ii)$ रासायनिक बहाव को कम करके जल की गुणवत्ता संरक्षित रहती है।
$(iii)$ यह एक किफायती विकल्प है क्योंकि किसानों को महंगे रासायनिक कीटनाशकों पर पैसा खर्च करने की आवश्यकता नहीं होती है।
$(iv)$ यह जहरीले रासायनिक अवशेषों से मुक्त,पौष्टिक और उच्च गुणवत्ता वाली फसलों के उत्पादन को बढ़ावा देता है।