अंडजनन मादाओं में अंडजननी (oogonia) से एक परिपक्व अंडाणु (ovum) के निर्माण की प्रक्रिया है। यह अंडाशय में होती है।
अंडजनन के दौरान,एक द्विगुणित अंडजननी या अंडाणु मातृ कोशिका आकार में बढ़ती है और एक द्विगुणित प्राथमिक अंडक (primary oocyte) में परिवर्तित हो जाती है।
यह द्विगुणित प्राथमिक अंडक प्रथम अर्धसूत्री विभाजन,यानी अर्धसूत्री विभाजन-$I$ या न्यूनीकरण विभाजन से गुजरता है,जिससे दो असमान अगुणित कोशिकाएं बनती हैं।
छोटी कोशिका को प्रथम ध्रुवीय काय (polar body) के रूप में जाना जाता है,जबकि बड़ी कोशिका को द्वितीयक अंडक (secondary oocyte) कहा जाता है।
यह द्वितीयक अंडक दूसरे अर्धसूत्री विभाजन,यानी अर्धसूत्री विभाजन-$II$ या समसूत्री विभाजन से गुजरता है और एक द्वितीय ध्रुवीय काय और एक अंडाणु को जन्म देता है।
अतः,अंडजनन की प्रक्रिया में,एक द्विगुणित अंडजननी एक एकल अगुणित अंडाणु का उत्पादन करती है,जबकि दो या तीन ध्रुवीय काय उत्पन्न होते हैं।