(N/A) $(i)$ प्रकाश का प्रकीर्णन: वायुमंडल में मौजूद कणों (जैसे परमाणु,अणु,धूल या धुआं) द्वारा प्रकाश को विभिन्न दिशाओं में फैलाने की घटना को प्रकाश का प्रकीर्णन कहते हैं।
$(ii)$ आकाश नीला क्यों दिखाई देता है: वायुमंडल में मौजूद सूक्ष्म कणों का आकार दृश्य प्रकाश की तरंगदैर्घ्य से छोटा होता है। ये कण लंबी तरंगदैर्घ्य वाले प्रकाश (जैसे लाल) की तुलना में छोटी तरंगदैर्घ्य वाले प्रकाश (जैसे नीला और बैंगनी) का अधिक प्रबलता से प्रकीर्णन करते हैं। चूंकि नीले प्रकाश की तरंगदैर्घ्य कम होती है,इसलिए इसका सबसे अधिक प्रकीर्णन होता है,यही कारण है कि आकाश हमें नीला दिखाई देता है।
$(iii)$ सूर्योदय के समय सूर्य लाल क्यों दिखाई देता है: सूर्योदय के समय,सूर्य क्षितिज के पास होता है। सूर्य के प्रकाश को प्रेक्षक तक पहुँचने के लिए वायुमंडल की बहुत मोटी परत से होकर गुजरना पड़ता है। इस लंबी यात्रा के दौरान,नीले और छोटी तरंगदैर्घ्य वाला अधिकांश प्रकाश वायुमंडलीय कणों द्वारा प्रकीर्णित हो जाता है। केवल लंबी तरंगदैर्घ्य वाला प्रकाश,जैसे कि लाल रंग,हमारी आँखों तक पहुँचता है,यही कारण है कि सूर्योदय के समय सूर्य लाल दिखाई देता है।