(N/A) मानव गर्भावस्था की औसत अवधि लगभग $9$ महीने होती है,जिसे गर्भकाल (gestation period) कहा जाता है।
गर्भावस्था के अंत में गर्भाशय के जोरदार संकुचन के कारण भ्रूण का निष्कासन या प्रसव होता है। भ्रूण के जन्म की इस प्रक्रिया को प्रसव (parturition) कहा जाता है।
प्रसव एक जटिल न्यूरोएंडोक्राइन (तंत्रिका-अंतःस्रावी) तंत्र द्वारा प्रेरित होता है।
प्रसव के लिए संकेत पूरी तरह से विकसित भ्रूण और अपरा (placenta) से उत्पन्न होते हैं,जो गर्भाशय में हल्के संकुचन को प्रेरित करते हैं जिसे 'फीटल इजेक्शन रिफ्लेक्स' (foetal ejection reflex) कहा जाता है।
यह माता की पीयूष ग्रंथि (pituitary gland) से ऑक्सीटोसिन के स्राव को ट्रिगर करता है।
ऑक्सीटोसिन गर्भाशय की मांसपेशियों पर कार्य करता है और गर्भाशय के मजबूत संकुचन का कारण बनता है,जो बदले में ऑक्सीटोसिन के और अधिक स्राव को उत्तेजित करता है।
गर्भाशय के संकुचन और ऑक्सीटोसिन स्राव के बीच यह उत्तेजक रिफ्लेक्स जारी रहता है,जिसके परिणामस्वरूप संकुचन और अधिक मजबूत होते जाते हैं।
यह जन्म नली (birth canal) के माध्यम से बच्चे को गर्भाशय से बाहर निकालने की ओर ले जाता है - जिसे प्रसव कहते हैं। शिशु के जन्म के तुरंत बाद अपरा (placenta) भी गर्भाशय से बाहर निकाल दिया जाता है।