(N/A) $\rightarrow$ हैप्लोन्टिक जीवन चक्र में,प्रभावी और प्रकाश संश्लेषक चरण मुक्त-जीवी युग्मकोद्भिद $(n)$ होता है।
$\rightarrow$ युग्मकोद्भिद युग्मकजनन के माध्यम से युग्मक उत्पन्न करता है,जो संयुग्मन (Syngamy) के दौरान मिलकर द्विगुणित युग्मनज $(2n)$ बनाते हैं।
$\rightarrow$ युग्मनज अर्धसूत्रीविभाजन (Meiosis) से गुजरकर अगुणित बीजाणु $(n)$ बनाता है।
$\rightarrow$ ये अगुणित बीजाणु समसूत्री विभाजन द्वारा विभाजित होकर नया युग्मकोद्भिद $(n)$ बनाते हैं।
$\rightarrow$ कई शैवाल जैसे $Volvox$,$Spirogyra$ और $Chlamydomonas$ की कुछ प्रजातियां इस पैटर्न का प्रतिनिधित्व करती हैं।
चार्ट का विवरण:
- $A$: द्विगुणित $(2n)$ चरण (युग्मनज) को दर्शाता है।
- $B$: अगुणित $(n)$ चरण (युग्मकोद्भिद/बीजाणु) को दर्शाता है।