(N/A) $\rightarrow$ ब्रायोफाइट्स और टेरिडोफाइट्स एक मध्यवर्ती स्थिति प्रदर्शित करते हैं जिसे हैप्लो-डिप्लोन्टिक जीवन चक्र कहा जाता है। इस चक्र में,अगुणित (haploid) और द्विगुणित (diploid) दोनों अवस्थाएं बहुकोशिकीय होती हैं,लेकिन वे अपनी प्रभावी अवस्थाओं में भिन्न होती हैं।
$\rightarrow$ ब्रायोफाइट्स में,प्रभावी,स्वतंत्र,प्रकाश संश्लेषी,थैलोइड या सीधी अवस्था अगुणित युग्मकोद्भिद (gametophyte) होती है। यह अल्पकालिक,बहुकोशिकीय बीजाणुद्भिद (sporophyte) के साथ एकांतरण करती है,जो अपने आधार और पोषण के लिए पूरी तरह या आंशिक रूप से युग्मकोद्भिद पर निर्भर होता है।
$\rightarrow$ टेरिडोफाइट्स में,द्विगुणित बीजाणुद्भिद प्रभावी,स्वतंत्र,प्रकाश संश्लेषी,संवहनी पादप शरीर होता है। यह बहुकोशिकीय,मृतोपजीवी या स्वपोषी,स्वतंत्र लेकिन अल्पकालिक अगुणित युग्मकोद्भिद के साथ एकांतरण करता है। बहुकोशिकीय अगुणित अवस्था और बहुकोशिकीय द्विगुणित अवस्था के बीच एकांतरण के इस पैटर्न को हैप्लो-डिप्लोन्टिक जीवन चक्र कहा जाता है।