(N/A) परिभाषा: इलेक्ट्रोड और इलेक्ट्रोलाइट के बीच उत्पन्न होने वाले विभवांतर को इलेक्ट्रोड विभव कहा जाता है।
$(b)$ मानक इलेक्ट्रोड विभव: जब अर्ध-सेल में शामिल सभी प्रजातियों की सांद्रता इकाई $(1 \ M)$ होती है,तो इलेक्ट्रोड विभव को मानक इलेक्ट्रोड विभव के रूप में जाना जाता है। $IUPAC$ सम्मेलन के अनुसार,मानक अपचयन विभव (standard reduction potentials) को अब मानक इलेक्ट्रोड विभव कहा जाता है।
$(c)$ इलेक्ट्रोड विभव में एनोड और कैथोड:
$(i)$ एक गैल्वेनिक सेल में,जिस अर्ध-सेल में ऑक्सीकरण होता है उसे एनोड कहा जाता है और विलयन के सापेक्ष इसका विभव ऋणात्मक होता है।
$(ii)$ दूसरा अर्ध-सेल जिसमें अपचयन होता है उसे कैथोड कहा जाता है और विलयन के सापेक्ष इसका विभव धनात्मक होता है।