(N/A) द्विगुणित जीवन चक्र में,द्विगुणित बीजाणुद्भिद (sporophyte) पौधे का प्रमुख,प्रकाश संश्लेषी और स्वतंत्र चरण होता है। युग्मकोद्भिद (gametophytic) चरण एक एकल या कुछ कोशिकाओं वाले अगुणित (haploid) युग्मकोद्भिद द्वारा दर्शाया जाता है।
द्विगुणित जीवन चक्र की मुख्य विशेषताएं इस प्रकार हैं:
$1$. बीजाणुद्भिद $(2n)$ अगुणित बीजाणु $(n)$ उत्पन्न करने के लिए अर्धसूत्रीविभाजन (meiosis) से गुजरता है।
$2$. ये बीजाणु अंकुरित होकर युग्मकोद्भिद $(n)$ बनाते हैं।
$3$. युग्मकोद्भिद,युग्मकजनन (gametogenesis) के माध्यम से युग्मक उत्पन्न करता है।
$4$. युग्मक संलयन (syngamy) के परिणामस्वरूप एक द्विगुणित युग्मनज $(2n)$ बनता है,जो वापस बीजाणुद्भिद में विकसित हो जाता है।
सभी बीज धारण करने वाले पौधे,यानी सभी अनावृतबीजी (gymnosperms) और आवृतबीजी (angiosperms),इस पैटर्न का पालन करते हैं।