(N/A) केशिकात्व वह घटना है जिसमें किसी द्रव को केशिका नली (बहुत महीन छिद्र वाली नली) में डुबोने पर द्रव ऊपर चढ़ता है या नीचे गिरता है। यह प्रभाव द्रव के पृष्ठ तनाव और द्रव-ठोस अंतरापृष्ठ पर कार्य करने वाले आसंजक (adhesive) और ससंजक (cohesive) बलों के कारण होता है।
केशिकात्व के दो व्यावहारिक उदाहरण निम्नलिखित हैं:
$1$. दीपक की बत्ती में तेल का ऊपर चढ़ना: बत्ती के धागों के बीच मौजूद महीन स्थानों से केशिका क्रिया के कारण तेल ऊपर चढ़ता है,जिससे यह लौ तक पहुँच पाता है।
$2$. ब्लोटिंग पेपर द्वारा स्याही का अवशोषण: ब्लोटिंग पेपर में बड़ी संख्या में महीन छिद्र होते हैं जो केशिका नली के रूप में कार्य करते हैं,जो केशिका क्रिया के माध्यम से स्याही को कागज में खींच लेते हैं।