(N/A) कैलोरीमिति विज्ञान की वह शाखा है जो ऊष्मा के मापन से संबंधित है。
कैलोरीमीटर एक उपकरण है जिसका उपयोग भौतिक या रासायनिक प्रक्रिया में शामिल ऊष्मा की मात्रा को मापने के लिए किया जाता है。
सिद्धांत: कैलोरीमिति का सिद्धांत ऊर्जा संरक्षण के नियम पर आधारित है। एक विलगित निकाय (isolated system) में (जहाँ परिवेश के साथ ऊष्मा का कोई आदान-प्रदान नहीं होता है), गर्म वस्तु द्वारा खोई गई ऊष्मा, ठंडी वस्तु द्वारा प्राप्त ऊष्मा के बराबर होती है। गणितीय रूप से, $\text{खोई गई ऊष्मा} = \text{प्राप्त ऊष्मा}$.
निर्माण: कैलोरीमीटर में आमतौर पर तांबे या एल्यूमीनियम जैसी समान सामग्री से बना एक धातु का बर्तन और एक स्टिरर (हिलाने वाला उपकरण) होता है। बर्तन को एक लकड़ी के जैकेट या बॉक्स के अंदर रखा जाता है, जो परिवेश में ऊष्मा के नुकसान को कम करने के लिए ग्लास वूल या कपास जैसी ऊष्मा-रोधी सामग्री से भरा होता है। बाहरी जैकेट एक थर्मल शील्ड के रूप में कार्य करता है। प्रयोग के दौरान तापमान में परिवर्तन को मापने के लिए मरकरी थर्मामीटर डालने के लिए ढक्कन में एक छेद दिया जाता है。