(N/A) बायोमास पौधों और जानवरों द्वारा उत्पादित कार्बनिक पदार्थ को संदर्भित करता है,जैसे कि कृषि अवशेष,गोबर और लकड़ी,जो ऊर्जा के एक नवीकरणीय स्रोत के रूप में कार्य करता है।
सिद्धांत: बायोगैस संयंत्र अवायवीय किण्वन (anaerobic fermentation) के सिद्धांत पर काम करता है। ऑक्सीजन की अनुपस्थिति में,सूक्ष्मजीव जटिल कार्बनिक पदार्थों (बायोमास) को सरल पदार्थों में तोड़ देते हैं,जिससे मीथेन $(CH_4)$,कार्बन डाइऑक्साइड $(CO_2)$,हाइड्रोजन $(H_2)$ और हाइड्रोजन सल्फाइड $(H_2S)$ जैसी गैसें निकलती हैं।
कार्यप्रणाली:
$1$. मिक्सिंग टैंक में गोबर और पानी का मिश्रण (स्लरी) तैयार किया जाता है और इसे डाइजेस्टर में डाला जाता है।
$2$. डाइजेस्टर एक सीलबंद,ऑक्सीजन-मुक्त टैंक है जहाँ अवायवीय बैक्टीरिया बायोमास को विघटित करते हैं।
$3$. जैसे-जैसे अपघटन होता है,बायोगैस उत्पन्न होती है और स्लरी के ऊपर गैस होल्डर (गुंबद) में जमा हो जाती है।
$4$. जमा हुई गैस का दबाव खर्च हो चुकी स्लरी को ओवरफ्लो टैंक में धकेलता है,जिसे बाद में बाहर निकालकर उच्च गुणवत्ता वाली खाद के रूप में उपयोग किया जाता है।
$5$. बायोगैस को पाइप के माध्यम से खाना पकाने और प्रकाश के लिए घरों में आपूर्ति की जाती है।