(N/A) $1$. $\alpha-$क्षय: इस प्रक्रिया में,एक अस्थिर नाभिक एक अल्फा कण ($^4_2He$ नाभिक) उत्सर्जित करता है। द्रव्यमान संख्या $4$ से कम हो जाती है और परमाणु क्रमांक $2$ से कम हो जाता है।
सामान्य सूत्र: $^{A}_{Z}X \rightarrow ^{A-4}_{Z-2}Y + ^{4}_{2}He + Q$
$2$. $\beta-$क्षय: इस प्रक्रिया में,एक न्यूट्रॉन प्रोटॉन में (या इसके विपरीत) परिवर्तित होता है,जिससे एक इलेक्ट्रॉन/पॉज़िट्रॉन और एक एंटीन्यूट्रिनो/न्यूट्रिनो उत्सर्जित होता है। $\beta^-$ क्षय में,एक न्यूट्रॉन प्रोटॉन बन जाता है,जिससे एक इलेक्ट्रॉन $(e^-)$ और एक एंटीन्यूट्रिनो $(\bar{\nu})$ उत्सर्जित होते हैं।
सामान्य सूत्र: $^{A}_{Z}X \rightarrow ^{A}_{Z+1}Y + ^{0}_{-1}e + \bar{\nu}$
$3$. $\gamma-$क्षय: इस प्रक्रिया में,एक उत्तेजित नाभिक अतिरिक्त ऊर्जा को उच्च-ऊर्जा विद्युत चुम्बकीय विकिरण (फोटॉन) के रूप में मुक्त करता है,जिससे उसकी द्रव्यमान संख्या या परमाणु क्रमांक में कोई परिवर्तन नहीं होता है।
सामान्य सूत्र: $^{A}_{Z}X^* \rightarrow ^{A}_{Z}X + \gamma$