(A) बल्ब जैसे बिंदु स्रोत से आने वाले प्रकाश की तीव्रता $(I)$ व्युत्क्रम वर्ग नियम का पालन करती है,$I \propto \frac{1}{r^2}$। यदि दूरी $(r)$ दोगुनी हो जाती है,तो तीव्रता अपने मूल मान की $\frac{1}{4}$ हो जाती है।
इसके विपरीत,एक $LASER$ किरण स्थिर तीव्रता बनाए रखती है क्योंकि यह अत्यधिक संरेखित (highly collimated) होती है। इसके लिए जिम्मेदार ज्यामितीय विशेषता इसका कम विचलन (low divergence) है।
$LASER$ प्रकाश की मुख्य विशेषताएं जो इस व्यवहार में योगदान करती हैं:
$(i)$ अत्यधिक संरेखित (कम विचलन)
$(ii)$ एकवर्णी (Monochromatic)
$(iii)$ सुसंगत (Coherent)
$(iv)$ एकदिशीय (Unidirectional)
ये गुण बल्ब द्वारा उत्सर्जित प्रकाश में अनुपस्थित होते हैं,जो गोलाकार रूप में फैलता है।