(N/A) एकक कोष्ठिका एक क्रिस्टलीय ठोस की सबसे छोटी दोहराई जाने वाली संरचनात्मक इकाई है,जिसे तीन आयामों में दोहराने पर संपूर्ण क्रिस्टल जालक का निर्माण होता है।
एकक कोष्ठिका की विशेषताएँ:
एकक कोष्ठिका को छह मापदंडों द्वारा पहचाना जाता है: तीन किनारों की लंबाई $(a, b, c)$ और तीन अंतरापृष्ठीय कोण $(\alpha, \beta, \gamma)$।
एकक कोष्ठिका के प्रकार:
$1$. आद्य (Primitive) एकक कोष्ठिका: अवयवी कण केवल कोनों पर उपस्थित होते हैं।
$2$. केंद्रित (Centred) एकक कोष्ठिका: कोनों के अलावा अन्य स्थानों पर भी अवयवी कण उपस्थित होते हैं।
केंद्रित एकक कोष्ठिका के प्रकार:
$(i)$ काय-केंद्रित (Body-Centred) एकक कोष्ठिका: कोनों के अलावा इसके केंद्र में एक अवयवी कण होता है।
$(ii)$ फलक-केंद्रित (Face-Centred) एकक कोष्ठिका: कोनों के अलावा प्रत्येक फलक के केंद्र में एक अवयवी कण होता है।
$(iii)$ अंत्य-केंद्रित (End-Centred) एकक कोष्ठिका: कोनों के अलावा किन्हीं दो विपरीत फलकों के केंद्र में एक अवयवी कण होता है।