(N/A) रासायनिक प्रकृति: साबुन लंबी श्रृंखला वाले फैटी एसिड के सोडियम या पोटेशियम लवण होते हैं (जैसे,स्टीयरिक एसिड)।
सिंथेटिक डिटर्जेंट से अंतर: साबुन केवल मृदु जल में प्रभावी होते हैं और कठोर जल में झाग (scum) बनाते हैं। सिंथेटिक डिटर्जेंट लंबी श्रृंखला वाले कार्बोक्सिलिक एसिड के अमोनियम या सल्फोनेट लवण होते हैं और ये मृदु और कठोर दोनों प्रकार के जल में प्रभावी होते हैं।
सफाई की प्रक्रिया (मिसेल निर्माण): साबुन के अणुओं के दो भाग होते हैं: एक जलरागी (hydrophilic) आयनिक सिरा और एक जलविरागी (hydrophobic) हाइड्रोकार्बन पूंछ।
जब साबुन को पानी में घोला जाता है,तो जलविरागी पूंछ मैल (तेल/ग्रीस) के कणों से जुड़ जाती है,जबकि जलरागी सिरे पानी में रहते हैं।
यह मिसेल नामक एक गोलाकार संरचना बनाता है,जिसमें मैल केंद्र में फंसा होता है।
मिसेल की सतह पर मौजूद आयनिक सिरे समान आवेश के कारण एक-दूसरे को प्रतिकर्षित करते हैं,जिससे मिसेल पानी में कोलाइड के रूप में निलंबित रहते हैं और पानी के साथ बह जाते हैं।