(N/A) प्रतिवर्ती क्रियाएँ किसी उद्दीपन के प्रति तीव्र,स्वचालित और अनैच्छिक प्रतिक्रियाएँ होती हैं जिनमें मस्तिष्क द्वारा सचेत विचार शामिल नहीं होता है।
उदाहरण:
$1$. गर्म वस्तु को छूने पर हाथ का अचानक पीछे हट जाना।
$2$. तेज रोशनी या किसी वस्तु के अचानक आँखों के पास आने पर पलकों का झपकना।
प्रतिवर्ती चाप:
प्रतिवर्ती चाप वह तंत्रिका पथ है जो प्रतिवर्ती क्रिया को संचालित करता है। यह पथ निम्नलिखित घटकों से बना होता है:
$1$. ग्राही: उद्दीपन का पता लगाता है।
$2$. संवेदी तंत्रिका: ग्राही से संकेत को मेरुरज्जु (spinal cord) तक ले जाती है।
$3$. रिले न्यूरॉन (इंटरन्यूरॉन): मेरुरज्जु के भीतर संकेत को संसाधित करता है।
$4$. प्रेरक तंत्रिका: मेरुरज्जु से प्रतिक्रिया संकेत को प्रभावी अंग (effector) तक ले जाती है।
$5$. प्रभावी अंग: मांसपेशी या ग्रंथि जो क्रिया करती है।