पॉलीप्रोटिक अम्ल वे अम्ल हैं जिनमें प्रति अणु एक से अधिक आयनित होने योग्य प्रोटॉन होते हैं। इन्हें पॉलीबेसिक अम्ल भी कहा जाता है।
$1$. डाईप्रोटिक अम्ल: वह अम्ल जिसमें प्रति अणु दो आयनित होने योग्य प्रोटॉन होते हैं। यह दो चरणों में आयनित होता है:
$(i)$ $H_2X + H_2O \rightleftharpoons H_3O^{+} + HX^{-}, K_{a(1)}$
$(ii)$ $HX^{-} + H_2O \rightleftharpoons H_3O^{+} + X^{2-}, K_{a(2)}$
यहाँ,$K_{a(1)} > K_{a(2)}$। उदाहरण: $H_2SO_4$,$H_2CO_3$,$H_2C_2O_4$।
$2$. ट्राईप्रोटिक अम्ल: वह अम्ल जिसमें प्रति अणु तीन आयनित होने योग्य प्रोटॉन होते हैं। यह तीन चरणों में आयनित होता है:
$(i)$ $H_3A + H_2O \rightleftharpoons H_3O^{+} + H_2A^{-}, K_{a(1)}$
$(ii)$ $H_2A^{-} + H_2O \rightleftharpoons H_3O^{+} + HA^{2-}, K_{a(2)}$
$(iii)$ $HA^{2-} + H_2O \rightleftharpoons H_3O^{+} + A^{3-}, K_{a(3)}$
यहाँ,$K_{a(1)} > K_{a(2)} > K_{a(3)}$। उदाहरण: $H_3PO_4$।