(N/A) सहायक जनन प्रौद्योगिकियाँ $(ART)$ विशेष चिकित्सा तकनीकें हैं जिनका उपयोग बांझपन से जूझ रहे जोड़ों को गर्भधारण करने और संतान प्राप्त करने में मदद करने के लिए किया जाता है।
महत्व: ये प्रौद्योगिकियाँ उन जोड़ों को आशा प्रदान करती हैं जो विभिन्न चिकित्सा कारणों,जैसे कि फैलोपियन ट्यूब में रुकावट,शुक्राणुओं की कम संख्या,या ओव्यूलेशन संबंधी विकारों के कारण स्वाभाविक रूप से गर्भधारण करने में असमर्थ हैं।
$ART$ के अंतर्गत आने वाली विधियाँ:
$(i)$ $IVF$ (इन विट्रो फर्टिलाइजेशन): निषेचन शरीर के बाहर प्रयोगशाला की स्थितियों में होता है। युग्मनज या प्रारंभिक भ्रूण ($8$ कोरकखंडों तक) को फैलोपियन ट्यूब में स्थानांतरित किया जाता है,जिसे $ZIFT$ (जायगोट इंट्रा फैलोपियन ट्रांसफर) कहा जाता है। $8$ से अधिक कोरकखंडों वाले भ्रूण को गर्भाशय में स्थानांतरित किया जाता है,जिसे $IUT$ (इंट्रा यूटेरिन ट्रांसफर) कहा जाता है।
$(ii)$ $GIFT$ (गैमेट इंट्रा फैलोपियन ट्रांसफर): दाता से एकत्र किए गए अंडाणु को दूसरी महिला की फैलोपियन ट्यूब में स्थानांतरित किया जाता है जो अंडाणु उत्पन्न नहीं कर सकती लेकिन निषेचन और विकास के लिए उपयुक्त वातावरण प्रदान कर सकती है।
$(iii)$ $ICSI$ (इंट्रा साइटोप्लाज्मिक स्पर्म इंजेक्शन): एक विशेष प्रक्रिया जिसमें प्रयोगशाला में भ्रूण बनाने के लिए एक शुक्राणु को सीधे अंडाणु में इंजेक्ट किया जाता है।
$(iv)$ $AI$ (कृत्रिम गर्भाधान): पति या किसी स्वस्थ दाता से एकत्र किए गए वीर्य को महिला की योनि या गर्भाशय ($IUI$ - इंट्रा यूटेरिन इनसेमिनेशन) में कृत्रिम रूप से डाला जाता है ताकि पुरुष बांझपन के मामलों का इलाज किया जा सके।