(N/A) जलभराव और मृदा लवणता हरित क्रांति से जुड़ी गहन कृषि पद्धतियों के परिणामस्वरूप उत्पन्न होने वाली महत्वपूर्ण पर्यावरणीय समस्याएं हैं।
कारण:
- जल निकासी की उचित व्यवस्था के बिना की गई सिंचाई के कारण मिट्टी में अतिरिक्त पानी जमा हो जाता है,जिसे जलभराव कहा जाता है।
- जैसे-जैसे पानी जमा होता है,यह केशिका क्रिया (capillary action) के माध्यम से मिट्टी की निचली परतों से घुले हुए लवणों को सतह पर ले आता है।
प्रतिकूल प्रभाव:
- जलभराव के कारण मिट्टी में अवायवीय स्थितियां पैदा हो जाती हैं,जो जड़ों के श्वसन में बाधा डालती हैं और पौधों की वृद्धि को रोकती हैं।
- जैसे-जैसे पानी वाष्पित होता है,लवण पीछे छूट जाते हैं,जो भूमि की सतह पर एक पतली परत बना लेते हैं या जड़ क्षेत्र के आसपास जमा हो जाते हैं।
- मृदा लवणता में यह वृद्धि पौधों के लिए परासरण (osmosis) द्वारा पानी को अवशोषित करना कठिन बना देती है,जिससे अंततः फसल खराब हो जाती है और भूमि का क्षरण होता है।