(N/A) घोड़े का विकास इओसीन काल के दौरान $Eohippus$ से शुरू हुआ। इसमें निम्नलिखित विकासवादी चरण शामिल थे:
$1$. शरीर के आकार में क्रमिक वृद्धि।
$2$. सिर और गर्दन के क्षेत्र का लंबा होना।
$3$. अंगों और पैरों की लंबाई में वृद्धि।
$4$. पार्श्व उंगलियों (digits) में क्रमिक कमी।
$5$. तीसरी कार्यात्मक उंगली (toe) का विस्तार।
$6$. पीठ का मजबूत होना।
$7$. मस्तिष्क और संवेदी अंगों का विकास।
$8$. घास खाने के लिए दांतों की जटिलता में वृद्धि।
विकासवादी क्रम इस प्रकार है:
$(i)$ $Eohippus$ (इओसीन काल): इसका सिर और गर्दन छोटे थे। इसके प्रत्येक अग्रपाद में चार और प्रत्येक पश्चपाद में तीन कार्यात्मक उंगलियां थीं। दाढ़ें छोटी थीं,जो नरम वनस्पति आहार को पीसने के लिए अनुकूलित थीं।
$(ii)$ $Mesohippus$ (ओलिगोसीन काल): यह $Eohippus$ से थोड़ा लंबा था। इसके प्रत्येक पैर में तीन उंगलियां थीं।
$(iii)$ $Merychippus$ (मायोसीन काल): यह लगभग $100 \ cm$ लंबा था। हालांकि इसके प्रत्येक पैर में अभी भी तीन उंगलियां थीं,लेकिन यह एक उंगली पर दौड़ सकता था। पार्श्व उंगलियां जमीन को नहीं छूती थीं। दाढ़ें घास चबाने के लिए अनुकूलित थीं।
$(iv)$ $Pliohippus$ (प्लायोसीन काल): यह आधुनिक घोड़े जैसा दिखता था और लगभग $108 \ cm$ लंबा था। इसके प्रत्येक अंग में एक कार्यात्मक उंगली थी और $2^{nd}$ व $4^{th}$ उंगलियों के अवशेष थे।
$(v)$ $Equus$ (प्लेइस्टोसीन काल): $Pliohippus$ से $Equus$ या आधुनिक घोड़े का विकास हुआ,जिसके प्रत्येक पैर में एक कार्यात्मक उंगली होती है। उनके पास घास काटने के लिए कृंतक (incisors) और भोजन पीसने के लिए जटिल दाढ़ें होती हैं।