आण्विक कक्षक सिद्धांत (Molecular Orbital Theory) का उपयोग करके समझाइए कि $Be_{2}$ अणु का अस्तित्व क्यों नहीं है।

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(N/A) बेरिलियम $(Be)$ का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास $1s^{2} \, 2s^{2}$ है।
$Be_{2}$ अणु के लिए आण्विक कक्षक इलेक्ट्रॉनिक विन्यास है: $\sigma_{1s}^2 \, \sigma_{1s}^{*2} \, \sigma_{2s}^2 \, \sigma_{2s}^{*2}$।
आबंध कोटि (Bond Order) की गणना इस सूत्र द्वारा की जाती है: $\text{Bond Order} = \frac{1}{2}(N_{b} - N_{a})$।
यहाँ,$N_{b}$ आबंधी आण्विक कक्षकों में इलेक्ट्रॉनों की संख्या है और $N_{a}$ प्रति-आबंधी आण्विक कक्षकों में इलेक्ट्रॉनों की संख्या है।
$Be_{2}$ के लिए,$N_{b} = 4$ और $N_{a} = 4$ है।
$\therefore \text{Bond Order} = \frac{1}{2}(4 - 4) = 0$।
$0$ आबंध कोटि यह दर्शाती है कि अणु अस्थिर है और इसका अस्तित्व नहीं है।

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