(N/A) $\Rightarrow$ वाष्पोत्सर्जन पौधों में एक से अधिक उद्देश्यों की पूर्ति करता है।
$\Rightarrow$ यह वाष्पोत्सर्जन खिंचाव (transpiration pull) उत्पन्न करता है,जो जड़ों द्वारा जल के अवशोषण और परिवहन के लिए आवश्यक है।
$\Rightarrow$ यह प्रकाश संश्लेषण के लिए जल की आपूर्ति करता है।
$\Rightarrow$ यह वाष्पीकरणीय शीतलन के माध्यम से पत्ती की सतहों को $10$ से $15$ $^{\circ}C$ तक ठंडा रखता है।
$\Rightarrow$ यह कोशिकाओं को स्फीत (turgid) रखकर पौधों के आकार और संरचना को बनाए रखता है।
$\Rightarrow$ प्रकाश संश्लेषण और जल की उपलब्धता: सक्रिय रूप से प्रकाश संश्लेषण करने वाले पौधे को जल की अत्यधिक आवश्यकता होती है। प्रकाश संश्लेषण उपलब्ध जल द्वारा सीमित होता है,जो वाष्पोत्सर्जन द्वारा तेजी से कम हो सकता है।
$\Rightarrow$ वर्षावनों में आर्द्रता मुख्य रूप से जड़ से पत्ती और वातावरण तक जल के निरंतर चक्र के कारण होती है।
$\Rightarrow$ $C_{4}$ प्रकाश संश्लेषक प्रणाली का विकास जल की हानि को कम करते हुए $CO_{2}$ की उपलब्धता को अधिकतम करने की एक रणनीति है।
$\Rightarrow$ कार्बन स्थिरीकरण (शर्करा निर्माण) के मामले में $C_{4}$ पौधे $C_{3}$ पौधों की तुलना में दोगुने कुशल होते हैं।
$\Rightarrow$ हालाँकि,एक $C_{4}$ पौधा समान मात्रा में $CO_{2}$ को स्थिर करने के लिए $C_{3}$ पौधे की तुलना में केवल आधा जल ही खोता है।