(N/A) $1$. मौलिक जैविक प्रक्रियाओं का अध्ययन करने के लिए: पारजीनी मॉडल का उपयोग जीन के विनियमन और सामान्य शरीर क्रिया विज्ञान तथा विकास पर उनके प्रभाव का अध्ययन करने के लिए किया जाता है, जैसे कि $IGF-I$ (इंसुलिन-जैसा ग्रोथ फैक्टर-$I$) और $IGF-II$ जैसे जटिल विकास कारकों का अध्ययन करना ताकि यह समझा जा सके कि वे शारीरिक विकास में कैसे योगदान करते हैं।
$2$. उपयोगी उत्पादों का उत्पादन करने के लिए: पारजीनी जंतुओं का उपयोग जैविक उत्पादों के उत्पादन के लिए किया जाता है। उदाहरण के लिए, $1997$ में उत्पादित पारजीनी गाय 'रोजी', मानव प्रोटीन से समृद्ध दूध $(2.4 \text{ g/L})$ देती थी। इस दूध में मानव अल्फा-लैक्टालब्यूमिन था, जो मानव शिशुओं के लिए प्राकृतिक गाय के दूध की तुलना में अधिक पोषण संतुलित है।