एक प्रकाश-संवेदी पदार्थ की देहली आवृत्ति $v$ है। जब $2v$ आवृत्ति के फोटॉन पदार्थ पर आपतित होते हैं,तो फोटोइलेक्ट्रॉन अधिकतम रैखिक संवेग $P$ के साथ उत्सर्जित होते हैं। अधिकतम रैखिक संवेग $2P$ वाले फोटोइलेक्ट्रॉन प्राप्त करने के लिए,आपतित फोटॉनों की आवृत्ति क्या होनी चाहिए ($v$ में)?

  • A
    $2$
  • B
    $3$
  • C
    $4$
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    $5$

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एक धातु की सतह को पहले $\lambda_1 = 350 \ nm$ तरंगदैर्ध्य के प्रकाश से और फिर $\lambda_2 = 540 \ nm$ तरंगदैर्ध्य के प्रकाश से प्रकाशित किया जाता है। यह पाया गया है कि दोनों स्थितियों में फोटोइलेक्ट्रॉन की अधिकतम गति $2$ के गुणक से भिन्न है। धातु का कार्य फलन ($eV$ में) लगभग है: (फोटॉन की ऊर्जा $= \frac{1240}{\lambda \text{ (} nm \text{ में)}} \ eV$)

प्रकाश-विद्युत प्रभाव (photoelectric effect) का अध्ययन किसे समझने में उपयोगी है?

यदि दो धातुओं $A$ और $B$ को $350 \, nm$ तरंगदैर्ध्य के विकिरण के संपर्क में लाया जाता है। धातुओं $A$ और $B$ के कार्य फलन (work function) क्रमशः $4.8 \, eV$ और $2.2 \, eV$ हैं। तो सही विकल्प चुनें।

$5\, eV$ ऊर्जा वाले फोटॉन एक फोटोइलेक्ट्रिक सेल में कैथोड $C$ पर आपतित होते हैं। उत्सर्जित फोटोइलेक्ट्रॉन की अधिकतम ऊर्जा $2\, eV$ है। जब $6\, eV$ ऊर्जा वाले फोटॉन $C$ पर आपतित होते हैं,तो कोई भी फोटोइलेक्ट्रॉन एनोड $A$ तक नहीं पहुँचेगा,यदि $C$ के सापेक्ष $A$ का निरोधी विभव (stopping potential) ............ $V$ हो।

$0.6 \ eV$ कार्य फलन वाली धातु पर जब $2 \ eV$ ऊर्जा का प्रकाश आपतित होता है,तो निरोधी विभव (stopping potential) क्या होगा ($V$ में)?

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