हाइड्रोजन परमाणु के $3 \rightarrow 2$ संक्रमण के अनुरूप विकिरण एक धातु की सतह पर गिरकर फोटोइलेक्ट्रॉन उत्पन्न करता है। इन इलेक्ट्रॉनों को $3 \times 10^{-4} \ T$ के चुंबकीय क्षेत्र में प्रवेश कराया जाता है। यदि इन इलेक्ट्रॉनों द्वारा अनुसरण किए गए सबसे बड़े वृत्ताकार पथ की त्रिज्या $10.0 \ mm$ है,तो धातु का कार्य फलन (work function) लगभग......$ eV$ है।

  • A
    $1.1$
  • B
    $0.8$
  • C
    $1.6$
  • D
    $1.8$

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$P$ शक्ति का एक प्रकाश स्रोत जो $\lambda$ तरंगदैर्ध्य का एकवर्णी प्रकाश उत्सर्जित करता है,उसे $\phi$ कार्य फलन और $A$ सतह क्षेत्रफल वाली प्रकाश-संवेदी सतह से $r$ दूरी पर रखा जाता है,तो निम्नलिखित में से कौन सा विकल्प गलत है?

निरोधी विभव $(V_s)$ और आपतित प्रकाश की तीव्रता $(I)$ के बीच सही वक्र है

दुर्बल और विद्युतचुंबकीय अन्योन्यक्रियाओं का एकीकरण किसके द्वारा किया गया था?

कथन $(A)$: प्रकाशवैद्युत प्रभाव प्रकाश की तरंग प्रकृति को प्रदर्शित करता है।
कारण $(R)$: प्रकाशवैद्युत इलेक्ट्रॉनों की संख्या प्रकाश की आवृत्ति के सीधे आनुपातिक होती है।

$2475 \, Å$ तरंगदैर्ध्य का प्रकाश बेरियम पर आपतित होता है। उत्सर्जित फोटोइलेक्ट्रॉन $\frac{1}{\sqrt{17}} \times 10^{-5} \, T$ फ्लक्स घनत्व वाले चुंबकीय क्षेत्र में $100 \, cm$ त्रिज्या का वृत्त बनाते हैं। बेरियम का कार्य फलन (Work function) .............. $eV$ है। (दिया गया है: $\frac{e}{m} = 1.7 \times 10^{11} \, C/kg$)

Difficult
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