(N/A) एक पारिस्थितिकी तंत्र में पोषी स्तरों की संख्या सीमित होती है और सामान्यतः यह $4$ या $5$ से अधिक नहीं होती है। इसका मुख्य कारण यह है कि प्रत्येक क्रमिक पोषी स्तर पर ऊर्जा का प्रवाह काफी कम हो जाता है।
ऊर्जा स्थानांतरण के $10 \%$ नियम के अनुसार,एक पोषी स्तर पर उपलब्ध ऊर्जा का केवल $10 \%$ ही अगले स्तर पर स्थानांतरित होता है। शेष ऊर्जा का उपयोग जीवों द्वारा जैविक प्रक्रियाओं जैसे श्वसन,वृद्धि और प्रजनन के लिए किया जाता है या ऊष्मा के रूप में नष्ट हो जाती है।
यदि पोषी स्तरों की संख्या अधिक होती,तो उच्च स्तरों पर बची हुई ऊर्जा जीवों की चयापचय संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए अपर्याप्त होती। इसलिए,खाद्य श्रृंखलाएं प्राकृतिक रूप से $4$ से $5$ पोषी स्तरों तक ही सीमित रहती हैं।
उदाहरण:
$\text{सूर्य का प्रकाश } (30,000 \text{ J}) \xrightarrow{1\% \text{ अवशोषण}} \text{पौधे } (300 \text{ J}) \xrightarrow{10\% \text{ स्थानांतरण}} \text{हिरण } (30 \text{ J}) \xrightarrow{10\% \text{ स्थानांतरण}} \text{बाघ } (3 \text{ J})$.