बेंजीन में बेंजोइक एसिड का आणविक भार,जैसा कि हिमांक में अवनमन विधि द्वारा निर्धारित किया जाता है,किसके अनुरूप है?

  • A
    बेंजोइक एसिड का आयनीकरण
  • B
    बेंजोइक एसिड का डाइमराइजेशन (द्विलकीकरण)
  • C
    बेंजोइक एसिड का ट्राइमराइजेशन (त्रिलकीकरण)
  • D
    बेंजोइक एसिड का सॉल्वेशन (विलायकयोजन)

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कोट्रेल की विधि द्वारा पानी में एक अवाष्पशील विलेय,$BaCl_2$,का प्रयोगात्मक रूप से निर्धारित मोलर द्रव्यमान है

यदि कोई विलेय किसी विलायक में संगुणित (associate) होता है,तो क्वथनांक उन्नयन विधि का उपयोग करके गणना किया गया उसका प्रायोगिक मोलर द्रव्यमान होगा

एक दुर्बल अम्ल $HA$ के $2$ मोलल विलयन का हिमांक $-3.885^{\circ} C$ है। इस अम्ल के वियोजन की मात्रा ........ $\times 10^{-3}$ है। (निकटतम पूर्णांक में पूर्णांकित करें)।
[दिया गया है: जल का मोलल अवनमन स्थिरांक = $1.85 \ K \ kg \ mol^{-1}$,शुद्ध जल का हिमांक = $0^{\circ} C$]

एक विलायक में,$HA$ अम्ल का $50\,\%$ द्विलकीकरण (dimerize) होता है और शेष वियोजित (dissociate) होता है। अम्ल का वांट हॉफ कारक $.....\times 10^{-2}$ है। (निकटतम पूर्णांक में पूर्णांकित करें)

बेंजीन में घुले हुए एसिटिक एसिड का प्रायोगिक आणविक द्रव्यमान ........ होगा। (पूर्ण संयोजन मान लें)

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