$Cu$ के संयोजी कोश का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास $3d^{10}4s^{1}$ है,न कि $3d^{9}4s^{2}$। इस विन्यास की व्याख्या कैसे की जाती है?

  • A
    पूर्णतः भरे हुए $d$-कक्षकों की स्थिरता के कारण।
  • B
    अर्ध-भरे हुए $d$-कक्षकों की स्थिरता के कारण।
  • C
    विनिमय ऊर्जा के कारण।
  • D
    $4s$ की तुलना में $3d$ कक्षकों की कम ऊर्जा के कारण।

Explore More

Similar Questions

$A$: एक परमाणु में किन्हीं भी दो इलेक्ट्रॉनों के लिए चारों क्वांटम संख्याओं का मान समान नहीं हो सकता है।
$R$: एक परमाणु में दो इलेक्ट्रॉन एक ही कोश,उपकोश या कक्षक में तभी रह सकते हैं यदि उनके चक्रण (spin) विपरीत हों।

चार तत्वों के इलेक्ट्रॉनिक विन्यास कोष्ठक में दिए गए हैं: $L\,(1s^2, 2s^2 2p^1)$; $M\,(1s^2, 2s^2 2p^5)$; $Q\,(1s^2, 2s^2 2p^6, 3s^1)$; $R\,(1s^2, 2s^2 2p^2)$. कौन सा तत्व सबसे आसानी से द्विपरमाणुक अणु बनाएगा?

परमाणु कक्षकों के संदर्भ में $+ve$ और $-ve$ संकेतों का महत्व समझाइए।

निम्नलिखित में से कौन सा इलेक्ट्रॉनिक विन्यास संभव नहीं है?

सामान्य परिस्थितियों में निम्नलिखित में से कौन सा इलेक्ट्रॉनिक विन्यास द्वि-धनात्मक आयन (dipositive ion) बनाने में सक्षम है?

Vedclass Products

For Students

Vedclass Test Series

Mock tests in real JEE/NEET style with performance analysis. 5-day free trial.

Start Free Trial
For Teachers

Exam Paper Generator

Generate Set A/B/C/D exam papers from 7.5L+ questions in 2 minutes. 3 chapters free.

Try Free
For Institutes

Online Exam Module

Live online exams with unlimited students, 360° analytics & white-label branding.

See Demo